नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में व्यवसायिक उपयोग के लिए पानी का दोहन करने वालों पर टैक्स लगाने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कई अन्य प्रस्ताव भी पास किए गए। सदस्यों ने जर्जर पाइप लाइनों से दूषित पानी सप्लाई होने पर रोष जताया।
नगर पालिका परिषद सभागार में शुक्रवार को चेयरमैन प्रभात जायसवाल की अध्यक्षता में बोर्ड की बैठक हुई। बैठक में सदस्यों ने प्रकाश व्यवस्था के लिए क्रय किए गए उपकरणों में से 70 प्रतिशत उपकरण वार्डों में और 30 प्रतिशत मुख्य मार्गों पर लगाने का प्रस्ताव रखा। टनकपुर हाइवे से कलेक्ट्रेट जाने वाले मार्ग का काम अधूरा छोड़ने पर ठेकेदार को नोटिस देने और भविष्य में ऐसे ठेकेदारों को काम न देने की बात कही गई। नगर पालिका परिषद के निर्माण अनुभाग ने बताया कि अब तक 31 ठेकेदारों का नवीनीकरण किया जा चुका है। अब पंजीकरण कराने वाले ठेकदारों से 25 हजार रुपये पंजीकरण शुल्क लिया जाएगा। सदस्य इकबाल हजरत ने शहर में मच्छरों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कीटनाशकों के छिड़काव की मांग की। शहर में अंधाधुंध जल दोहन करने वाले वाशिंग सेंटरों और पानी की बिक्री करने वालों से टैक्स वसूलने का निर्णय लिया गया।
कर निरीक्षक अफसर हसन खां ने एक अप्रैल से स्वकर प्रणाली प्रक्रिया लागू होने की जानकारी दी। बताया कि इसका गजट भी कराया जा चुका है। शहर के चार स्थानों पर पांच-पांच सौ लीटर के टैंक और मोटर लगवाने का प्रस्ताव रखा गया। इसे सर्वसम्मति से पास कर दिया गया। होर्डिंग, हड्डी चरसा का ठेका निरस्त कर दिया गया। तय हुआ कि अब नगर पालिका परिषद अपने स्तर से वसूली कराएगी। इधर, कुछ सदस्यों ने बिना अधिशासी अधिकारी के बोर्ड की बैठक होने पर नाराजगी जताई। संचालन संपत्ति अधिकारी संतोष कुमार ने किया। इस मौके पर सभासद अनूप कुमार, कुश वर्मा, इकबाल हजरत, मंजू जायसवाल, महेंद्र पाल, नीतू अवस्थी, पुष्पा उपाध्याय आदि मौजूद रहीं।