भाकियू के तहसील अध्यक्ष सुल्तान खां की अध्यक्षता में हुई पंचायत में जीआरपी पर लाइनपार को स्टेशन से आवागमन पर रोकने और धमकाने का आरोप लगाया गया। पंचायत में जीआरपी की कार्य प्रणाली में सुधार न होने पर आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
पंचायत में खां ने कहा कि नगर की आधी आबादी लाइनपार रहती है। रेलवे ने लाइनपार के लोगों को आवागमन को रेलवे की बाउंड्रीवाल निर्माण करते समय जगह-जगह रास्ते छोड़े। ताकि लोगों को दो किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी न तय करनी पड़े। उन्होंने कहा कि अब तक लाइनपार आवागमन को रेलवे स्टेशन पर कोई रोक टोक नहीं थी। अब कुछ दिनों से जीआरपी आवागमन करने वालों को रोकने का प्रयास कर धमकाती है।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा जीआरपी स्टेशन के पीछे रेल भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध दुकानें लगवाकर वसूली कर रही है। जीआरपी और अन्य स्टाफ की सह पर ट्रेनों से जलौनी लकड़ी भारी मात्रा में लाई जाती है। पंचायत में लाइनपार के लोगों का दोबारा आवागमन रोकने पर जीआरपी के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया गया। पंचायत में रमेश चंद्र मिश्रा, लाखन वर्मा, दाताराम शर्मा, राजाराम, रामसागर पांडेय आदि थे। लाइनपार आवामन पर कोई रोक नहीं है। रेलवे स्टेशन पर साइकिल लेकर आने वाले लोगों को रोका जाता है। वसूली आदि के आरोप निराधार है।
रिषीपाल, चौकी इंचार्ज, जीआरपी