बीसलपुर। ब्लॉक क्षेत्र के तीन गांवों में पहुंचे एक व्यक्ति ने छुट्टा पशुओं की समस्या के समाधान की बात कहकर ग्रामीणों से प्रति पशु 18 सौ रुपये लिए। इसके बाद 100 से अधिक छुट्टा पशुओं को पकड़ कर ले गया। विभाग और ब्लॉक के जिम्मेदार छुट्टा पशुओं से निजात की बात तो कह रहे, लेकिन पशु गए कहां, यह जानकारी किसी के पास नहीं है।
शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र के एक व्यक्ति ने खुद को एक गो रक्षक संगठन का बड़ा पदाधिकारी बताकर बैरा, खरगापुर और लाड़पुर गांव में संपर्क किया। ग्रामीणों को सुझाव दिया कि यदि वे लोग 1800 रुपये प्रति छुट्टा पशु के हिसाब से जमा करके दें, तो वह छुट्टा पशुओं की समस्या का समाधान कर सकते हैं।
ग्रामीणों ने रुपये एकत्र कर उसके पास जमा कर दिए। इसके बाद उस व्यक्ति ने टीम के साथ आकर छुट्टा पशु पकड़े। वाहनों में इन्हें लादकर साथ ले गए। ग्रामीणों को बताया कि पशुओं को आश्रय स्थल ले जा रहे हैं।
खरगापुर की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि उनके गांव से 35 पशु, बैरा की प्रधान श्वेता मिश्रा ने बताया कि उनके गांव से 40 पशु और लाड़पुर के संजय शर्मा ने बताया कि उनके गांव से 32 छुट्टा पशु पकड़े गए हैं। पकड़े गए पशु किस पशु आश्रय गृह में भेजे गए हैं, इसकी जानकारी किसी भी प्रधान को नहीं है।
डिप्टी सीबीओ डॉ. योगेंद्र कुमार का कहना है कि पशुओं को किस आश्रय स्थल ले जाया गया, यह जानकारी उन्हें भी नहीं है। इसकी जानकारी कराएंगे।