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इनके नहीं काटे जाते कनेक्शन, न जारी होती है आरसी

Wed, 13 Jul 2016 11:18 PM IST
पीलीभीत, ब्यूरो
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मात्र पांच सौ रुपये बकाएदारी हो तो आम आदमी का बिजली विभाग के शिकंजे से बचना किसी चुनौती से कम नहीं होता। कनेक्शन काटने से लेकर मुकदमा दर्ज कराए जाने तक की तैयारी चंद दिनों में पूरी कर ली जाती है। लेकिन सरकारी विभागों पर लाखों की बकाएदारी होने के बाद भी सख्त कदम नहीं उठाए गए। कानून तोड़ने पर कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे करने वाली खाकी हो या फिर प्रशासन के अन्य विभाग। सभी बिजली विभाग के कर्जदार हैं। ये अलग बात है कि बिजली अफसर शायद ही बकायादारी में कनेक्शन काटने का साहस जुटा पाएं।
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 सरकारी मशीनरी मुफ्त की बिजली का इस्तेमाल करने में खासी आगे है। महीनों से बिजली का बिल चुकाया ही नहीं गया है। खास बात है कि विद्युत विभाग की ओर से भी सख्ती नहीं की जाती या यूं कहें कि सरकारी विभागों पर सख्ती दिखाना आसान नहीं है। प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य महकमा, पीडब्ल्यूडी समेत तमाम विभाग बिल की कर्जदारी को लेकर एक-दूसरे को पछाड़ रहे हैं। इससे बकाएदारों की एक लंबी फेहरिस्त बन गई है। स्वास्थ्य विभाग एक करोड़ का आंकड़ा पार कर चुका है तो खाकी 30 लाख की बकाएदारी के साथ दूसरे स्थान पर कब्जा जमाए है। इसके अलावा कई अन्य विभाग भी दस लाख का आंकड़ा छू चुके हैं। खास बात यह है कि लाखों के ये बकाएदार ऐसे हैं, जिनके न तो कनेक्शन काटे जाते हैं न ही आरसी जारी होती है।  
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आखिर किस बात की है मजबूरी 
लोगों पर बिल भुगतान न करने पर कनेक्शन काटने, जुर्माना डालने सहित कई बार मुकदमा दर्ज भी कराया जाता है। लेकिन सरकारी विभागों के आगे विद्युत अफसर पस्त क्यों हैं? संबंधित विभाग बिल चुकता करने में लापरवाह क्यों बने हुए हैं? यह भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है। जवाब के तौर पर मुख्यालय से पैसा मिलने के बाद जमा करने की बात कह दी जाती है। 
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रिमाइंडर भेजने के बाद भी नहीं लेते सुध 
विद्युत विभाग के अफसरों की ओर से बिल भुगतान करने के लिए संबंधित विभाग को रिमाइंडर भी भेजे गए। मीटिंगों के दौरान भी कहा जाता रहा है, लेकिन इसका कोई असर नहीं हो सका है। बकाएदारी दिनों दिन बढ़ती जा रही है। संबंधित अधिकारी सुध नहीं ले रहे हैं। यह बात दीगर रही कि पब्लिक की बिजली चोरी की बात आए तो कानून गिनाने और सख्ती दिखाने से वे नहीं चूकते हैं।  
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पुलिस विभाग की ये है बकाएदारी 
पुलिस लाइन   :   9,56,696 रुपये
सुनगढ़ी थाना   :   3,96,868 रुपये
ठेका चौकी     :  4,16,260 रुपये
खकरा चौकी   :  1,80,095 रूपये
एसएसपी कैं प  : 1,03,055 रुपये
बनकटी चौकी  :  20,300 रुपये
कोतवाली थाना : 3,87,167 रुपये
देवहा चौकी     : 3,92,190 रुपये
कमल्ले चौकी     :  61,353 रुपये
आसाम चौकी   :   45,500 रुपये
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बिल बकाएदारी में ये भी है आगे 
बीडीओ मरौरी                : 2,55,437 रुपये
बीडीओ बीसलपुर            : 13,214 रुपये
डीडीओ                        :  24,988 रुपये
सब रजिस्ट्रार पूरनपुर          :  45, 141 रुपये
पीडब्ल्यूडी                    : 9, 75,000 रुपये
बापू छात्रावास                  :  1,61,986 रुपये
युवक कल्याण व्यायाम शाला :  97,353 रुपये
समाज कल्याण स्टेडियम रोड  : 50,104 रुपये
निरीक्षण भवन जिला परिषद    : 97,727 रुपयेे
जिला पंचायत                       : 4,38,132 रुपये
जिला परिषद सिविल लाइन    : 1,62,045 रुपये
जिला परिषद कचहरी           : 6,36,940 रुपये
टाउन हॉल                        : 7,91,327 रूपये
डीएम कंप्यूटर कक्ष             : 28,394 रूपये
विकास भवन                     : 94,695 रूपये
चकबंदी                           : 15,698 रूपये
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अभी और भी हैं बकाएदार 
बिल भुगतान न होने पर बिजली विभाग के कर्जदारों की सूची में अभी कई अन्य नाम भी शामिल हैं। जिन पर विभाग की बिल की रकम अटकी हुई है। देहात के कई कार्यालयों का भी हाल इससे जुदा नहीं है। हालांकि अभी उनका संपूर्ण लेखाजोखा तैयार हो रहा है। सूत्रों की मानें तो इसमें भी पुलिस महकमा पीछे नहीं है। 
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13 पीबीटीपी 15
बिजली बिल भुगतान कराने के लिए लगातार कार्रवाई की जाती रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से बताया गया है कि भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बकाया भुगतान के लिए संबंधित विभागों को हर माह लिखित रिमाइंडर भेजे जाते हैं। इसके अलावा बैठकों में भी जिला स्तरीय अफसरों को अवगत कराया जाता है। 
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- लोकेंद्र बहादुर सिंह, ईई, बिजली
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