पीलीभीत। ग्राम पंचायत में विकास कार्य के लिए आए रुपयों का प्रधान ने सचिव के साथ मिलकर लाखों रुपये का घपला किया। शपथ पत्र के माध्यम से ग्रामीणों ने मामले की डीएम से शिकायत की। दो सदस्यीय टीम ने जांच के दौरान गांव में वित्तीय अनियमितताएं मिलीं। इसके बाद डीएम के आदेश पर प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए।
बीसलपुर ब्लॉक के गांव रिछोला घासी के देवस्वरुप, महेंद्र पाल, बनवारी लाल आदि ग्रामीणों ने डीएम ज्ञानेंद्र सिंह को शपथपत्र के माध्यम से शिकायत की। आरोप लगाया कि प्रधान अनीता देवी ने सचिव के साथ मिलकर ग्राम पंचायत में विकास कार्याें के लिए आए रुपयों का जमकर दुरुपयोग किया। डीएम ने मामले में दो सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराई।
जांच में सामने आया कि प्रधान ने इंटरलॉकिंग, नाली खडंजा निर्माण कार्य, शौचालय जाने वाले मार्ग पर खडंजा निर्माण, राजीव गांधी सेवा केंद्र में बाउंड्रीबाल निर्माण कार्य आदि मदों में रुपये निकालकर चार लाख 60 हजार 824 रुपये गबन कर लिया। इस संबंध में प्रधान को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया, लेकिन प्रधान साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं करा सके। मामले में प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने प्रधान के वित्तीय अधिकार सीज कर दिए। प्रभारी डीपीआरओ डॉ. प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि डीएम के आदेश पर प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए गए है।
सचिव को दिया अभयदान
ग्राम पंचायत में विकास कार्याें को आने वाली धनराशि प्रधान व सचिव की सहमति पर ही निकाली जा सकती है। ऐसे में अफसरों ने प्रधान पर आरोपों की पुष्टि होने पर अधिकार सीज कर दिए। जबकि सचिव पर कार्रवाई के नाम पर अभयदान दे दिया। ऐसे में विभागीय अफसर भी सवाल के घेरे में आ रहे है।