पीलीभीत। शहर से लेकर देहात तक खुले और अर्धनिर्मित नाले लोगों के लिए खतरा बनते जा रहे हैं। कहीं खुले नाले के आसपास सुरक्षा के नाम पर स्लैब गायब है तो कहीं ख्ुले सरियों से हर समय राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है। लापरवाही और निगरानी की कमी के चलते आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार उदासीन बने हुए हैं।
जिले में विभिन्न स्थानों पर बनाए जा रहे नालों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई जगह नाले निर्माणाधीन हैं तो कई स्थानों पर निर्माण पूरा होने के बाद भी सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई है। नालों से बाहर निकला सरिया और एंगल खुलेआम हादसों को न्यौता दे रहा है। हाल ही में बरखेड़ा कस्बे में एक राहगीर के निर्माणाधीन नाले में गिरने से उसके पैर में सरिया आर-पार हो गया, लेकिन इस गंभीर घटना के बावजूद जिम्मेदारों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
शहर में दो वर्ष पूर्व करीब नौ करोड़ रुपये की लागत से 27 नालों का निर्माण कराया गया था, लेकिन आज भी कई नालों की स्थिति खराब है। डिग्री कॉलेज चौराहे पर नाले से निकले सरिया लोगों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं, जहां रोजाना हजारों लोगों का आवागमन होता है।
नगर पंचायत पकड़िया नौगवां के पूरनपुर रोड पर ओवरब्रिज के नीचे निर्माणाधीन नाले में मजदूर बिना किसी सुरक्षा उपकरण के काम करते नजर आए। असम रोड सहित कई अन्य स्थानों पर भी नालों की यही स्थिति देखने को मिल रही है। इससे साफ है कि हालिया घटनाओं से भी प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया है।
फिर हादसे के इंतजार में नगर पंचायत : बरखेड़ा। शुक्रवार को हादसे से नगर पंचायत ने कोई सबक नहीं लिया। कस्बे में कई अन्य जगह आधे अधूरे नाले हैं, जिसमे कुछ पर सरियों का जाल पड़ा है। कुछ जगह सड़क किनारे गहरे गड्ढे खुले पड़े हैं। बीसलपुर-पीलीभीत मार्ग पर सड़क के दोनों तरफ पानी की पाइप लाइन डालकर ठेकेदार ने ठीक नहीं कराया। दौलतपुर रोड पर शुक्रवार को नाले में गिरे युवक के पैर में सरिया घुसने के हादसे से 200 मीटर दूरी पर इसी तरह नाले पर सरियों का जाल दिखाई दे रहा है। प्रभारी ईओ नागेंद्र पाण्डेय ने बताया कि अधूरे नालों के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
नाले को स्लैब का इतंजार, खतरे की आशंका
बीसलपुर। रोडवेज बस स्टैंड के पास नगर पालिका की ओर से चौड़ा नाले का निर्माण कराया गया, जबकि निर्माण के बाद नाले को ढका नही गया। नाले के पास से गुजरने वाली सड़क पर काफी यातायात रहता है। ऐसे में लोगों के नाले में गिरने का खतरा बना रहता है। लोगों ने पालिका के अधिकारियों से नाले को ढकने की व्यवस्था कराने की मांग की, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हुई। नगर पालिका के अवर अभियंता केएम प्रजापति ने बताया कि स्लैब अभी पूरी तरह से पक नहीं पाए हैं। स्लैब जैसे ही पूरी तरह से पक जाएंगे, तो नालों पर डलवा दिया जाएगा। संवाद
पूरनपुर में कई जगह छोड़े अधूरे नाले
पूरनपुर। सिरसा रोड पर जिला पंचायत की ओर से एक वर्ष पहले नाला निर्माण शुरू कराया गया। नाले को एक राइस मिल के पास अधूरा छोड़ दिया गया। इस अधूरे पड़े नाले से हादसे की आशंका बनी रहती है। इसके अलावा नगर के धनाराघाट रोड पर करीब नौ महीने से निर्माणाधीन नाला जगह-जगह अधूरा छोड़ दिया गया। यहां भी हादसे का खतरा बना रहता है। संवाद
सभी नगर निकायों को समय से काम पूरा करने के लिए सख्त हिदायत दी गई है। अगर काम अधूरा रहा तो जेई और ईओ की जिम्मेदारी तय की जाएगी। -ज्ञानेंद्र सिंह, डीएम
पूरनपुर के धनाराघाट रोड पर अधूरा छोड़ा गया नाला -संवाद
पूरनपुर के धनाराघाट रोड पर अधूरा छोड़ा गया नाला -संवाद
पूरनपुर के धनाराघाट रोड पर अधूरा छोड़ा गया नाला -संवाद
पूरनपुर के धनाराघाट रोड पर अधूरा छोड़ा गया नाला -संवाद
पूरनपुर के धनाराघाट रोड पर अधूरा छोड़ा गया नाला -संवाद