फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: हेमपुर के राजकीय महाविद्यालय में तीन वर्षों से स्थायी प्राचार्य भी नहीं

विज्ञापन
बीसलपुर के गांव हेमपुर का राजकीय महाविद्यालय।स्रोत:प्राचार्य
विज्ञापन
बीसलपुर। विभागीय अनदेखी के चलते गांव हेमपुर के राजकीय महाविद्यालय में स्टॉफ का टोटा है। तीन वर्षों से स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति भी नहीं हो सकी है। इससे शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
विज्ञापन

विभागीय अभिलेखों के अनुसार महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. संंजीव श्रीवास्तव का तबादला वर्ष 2021 में बीसलपुर हो गया था। उनके स्थान पर किसी स्थायी प्राचार्य की नियुक्ति नहीं की गई है।
उच्चाधिकारियों ने वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए महाविद्यालय के जंतु विज्ञान प्राध्यापक डॉ. दिनेश श्रीवास्तव को प्रभारी प्राचार्य बना रखा है। महाविद्यालय में हिंदी, मनोविज्ञान, अंग्रेजी, समाज शास्त्र और राजनीति शास्त्र के प्राध्यापकों के पद भी कई वर्षों से रिक्त हैं।
विज्ञापन

महाविद्यालय में मानक के अनुरूप तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के 19 कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन काफी समय से केवल दो कर्मचारी हैं। प्रधान लिपिक पंकज मिश्रा सितंबर 2024 में सेवानिवृत्त हो गए थे। उनके स्थान पर अब तक नए प्रधान लिपिक की निुयुक्ति नहीं हुई है।
एक कनिष्ठ लिपिक प्रधान लिपिक का कार्यभार संभाले हुए हैं। महाविद्यालय में खेल का विशालकाय मैदान है और खेल का सामान भी है, लेकिन ेक्रीड़ा प्रभारी का पद शुरू से ही रिक्त है।
प्रभारी प्राचार्य ने एक प्राध्यापक को क्रीड़ा प्रभारी का पद अतिरिक्त रूप से सौंप रखा है। महाविद्यालय में पुस्तकालय भवन है और पुस्तकें भी हैं, लेकिन पुस्तकालय अध्यक्ष और बुक लिफ्टर के पद रिक्त हैं।
प्रभारी प्राचार्य ने एक प्रवक्ता को पुस्तकालय अध्यक्ष और एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को बुक लिफ्टर का प्रभार अतिरिक्त रूप से सौंप रखा है। महाविद्यालय में बीए, बीएससी, और बीकॉम समेत तीनों संकायों में 1153 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। मानक के अनुरूप स्टॉफ न होने से महाविद्यालय का शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है।
इस बीच जागरूक अभिभावकों ने विभागीय उच्चाधिकारियों के समक्ष कई बार समस्याओं को उठाया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। इससे अभिभावकों में रोष है।
बता दें कि इस महाविद्यालय से बिलसंडा कस्बे के अलावा क्षेत्र के 100 से अधिक गांवों के विद्यार्थी जुड़े हैं। इस बावत प्रभारी प्राचार्य डॉ. दिनेश श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने विभागीय उच्चाधिकारियों को इस संबंध में पत्र भेज रखा है। बीच में बीच में स्मरण पत्र भी भेजे जाते हैं। देखें समस्याओं का समाधान कब तक होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें