अमरिया। ग्राम धुंधरी में श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए सीधा मार्ग नहीं है। इससे ग्रामीणों को श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए करीब ढाई किलोमीटर घूमकर आना पड़ता है। ग्रामीण गांव के नजदीक नहर पर पुलिया निर्माण की मांग वर्षों से उठा रहे हैं, लेकिन किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए शव को नहर के पानी से होकर श्मशान घाट तक लेकर जाना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह समस्या और गंभीर हो जाती है, जिससे मृतकों के परिजनों और ग्रामीणों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। सोमवार को गांव निवासी एक ग्रामीण की मृत्यु के बाद यह समस्या फिर सामने आई।
धुंधरी के प्रधान इंद्रपाल वर्मा का कहना है कि श्मशान घाट जाने के लिए नहर पर पुलिया न होने के कारण लोगों को करीब ढाई किलोमीटर दूरी तय कर आना-जाना पड़ता है। पुलिया बनने के बाद गांव से श्मशान घाट की दूरी मात्र 400 मीटर रह जाएगी। करीब छह माह पूर्व गांव में सांसद जितिन प्रसाद के कार्यक्रम के दौरान भी ग्रामीणों ने यह मांग उठाई थी। सांसद के निर्देश पर खंड विकास अधिकारी दिनेश सिंह ने टीम के साथ मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट भी तैयार कराई थी।
उधर, एसडीएम मयंक गोस्वामी ने बताया कि सिंचाई विभाग और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने पत्र जारी कर बताया है कि नहर पर पहले से एक पुलिया बनी हुई है। इसलिए कुछ दूरी पर दूसरी पुलिया का निर्माण संभव नहीं है। संवाद