फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Pilibhit News: किसानों को मुआवजा मिलने की जगी उम्मीद

विज्ञापन
विज्ञापन
पीलीभीत। बरेली-सितारगंज हाईवे के मुआवजा संंबंधित दस्तावेज को बरेली से पीलीभीत वापस एसएएलओ के पास भेज जा रहा है। मुआवजे के दस्तावेज को गत तीन सितंबर को घपले सामने आने के बाद जांच के लिए बरेली मंगा लिया गया था। ऐसे में अब एक बार फिर किसानों में मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

हाईवे के भूअधिग्रहण के दौरान हुई घपलेबाजी के बाद जांच में पीलीभीत में तैनात सात लेखपालों के नाम सामने आए हैं। सातों लेखपाल अब भी पीलीभीत में तैनात हैं। इन पर अब कार्रवाई की तलवार लटक रही है। आदेश पत्र आते ही सातों को निलंबित कर जांच को शुरू किया जाएगा।
बता दें कि ग्रामीणों ने लेखपालों पर एक लाख रुपये की मुआवजे की रकम में 20 हजार रुपये का कमीशन तय करने का आरोप लगाया था। जिसके बाद अपर आयुक्त ने दस्तावेजों से ऐसे नामों को हस्ताक्षर के आधार पर खंगाला था। इधर, सभी दस्तावेज बरेली में होने की वजह से शेष किसानों को मुआवजा नहीं मिल पा रहा था। मुआवजा वितरण संबंधी प्रक्रिया अधर में लटक गई थी। अब दस्तावेज वापस आने की जानकारी मिलने पर किसानों में फिर उम्मीद की किरण जगी है।
विज्ञापन



अब तक सिर्फ 72 प्रतिशत जमीन ही अधिगृहीत
हाईवे के निर्माण के लिए अब तक सिर्फ 72 प्रतिशत जमीन अधिगृहीत हो पाई है। शेष 28 प्रतिशत जमीन का अधिग्रहण 15 अक्तूबर तक करने की समयसीमा निर्धारित की गई है। ऐसे में अधिग्रहण का लक्ष्य समय पर पूरा करना भी एनएचएआई के लिए चुनौती बना हुआ है।
विज्ञापन




मंडलायुक्त की यहां से दस्तावेज वापस भेजे जा रहे हैं। निर्देशों के अनुसार मुआवजा देने की प्रक्रिया फिर शुरू किया जाएगा।
-विजय वर्धन तोमर, एसएएलओ
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें