शहर में रोडवेज बस स्टैंड के बाहर सड़क किनारे खड़ी बसे।फाइल फोटो
पीलीभीत। जर्जर रोडवेज बस अड्डे पर जगह की कमी मुसीबत बनी हुई है। यहां एक समय में चार से पांच बसों के ही खड़े होने की जगह है। बसों को सड़क पर खड़ा करना पड़ता है। इस वजह से जाम की समस्या भी बनी रहती है। लोग परेशानी के बीच यहां से गुजरने के लिए मजबूर हैं।
पीलीभीत रोडवेज बस अड्डे से करीब 112 बसों का संचालन होता है। दिल्ली, लखनऊ, उत्तराखंड समेत अन्य मार्गों की बसों का दिनभर यहां आवागमन होता है। बस अड्डे का दायरा काफी कम है। एक समय में चार से पांच बसें ही परिसर में सही से खड़ी हो पाती हैं।
इसके चलते चालक भी परेशान रहते हैं। मजबूर होकर बसों को मार्ग पर ही खड़ा किया जाता है। संख्या अधिक होने से बसों की लंबी कतार लग जाती है। इसी मार्ग पर ही ऊर्जा निगम, बीएसए के अलावा उद्यान विभाग का कार्यालय होने से हर समय लोग वाहनों से आवाजाही करते रहते हैं।
रास्ते पर बसें खड़ी होने की वजह से उन्हें जाम का सामना करना पड़ता है। एआरएम पवन कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि उपलब्ध जगह में ही बसों को सही तरीके से खड़ा कराने के प्रयास किए जाते हैं।
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डलावघर भी बना मुसीबतबस अड्डे के निकट ही डलावघर है। यहां हर समय गंदगी का अंबार लगा रहता है। जाम में फंसे लोगों को बदबू की वजह से और परेशानी होती है। बरसात के दौरान स्थिति और भी खराब हो जाती है।