भैयादूज पर्व को लेकर मंगलवार को भाई बहनों के उमड़ी भीड़ सेे जिले की परिवहन व्यवस्था लड़खड़ाती रही। हालांकि रोडवेज प्रशासन ने यात्रियों की संख्या में इजाफे को देखते हुए पहले से ही पुख्ता इंतजाम कर रखे थे, लेकिन मंगलवार को उमड़े जनसैलाब से अमूमन जिले भर में यात्रियों को धक्का मुक्की के बीच सफर करना पड़ा। वहीं डग्गामार वाहनों ने भी यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए जमकर कमाई की।
15 मिनट पर रोडवेज बस, फिर भी खाने पड़े धक्के
भैयादूज पर्व को लेकर रोडवेज प्रशासन द्वारा पीलीभीत-दिल्ली रूट पर 30, टकनपुर रूट पर 16 व बीसलपुर रूट पर 10 अतिरिक्त बसों का संचालन करने का दावा किया गया, लेकिन मंगलवार को यात्रियों की बढ़ी तादाद के आगे रोडवेज प्रशासन की परिवहन व्यवस्था हिचकोले खाती रही। अधिकांश रुटों पर यात्रियों को बसों के इंतजार के साथ धक्का मुक्की के बीच सफर करना पड़ा। शहर के अधिकांश मुख्य चौराहों पर यात्री बसों का इंतजार करते देखे गए।
दिक्कतों के बीच सफर करने को मजबूर रहे रेलयात्री
भैयादूज पर्व पर सबसे ज्यादा दिक्कतें रेल यात्रियों को उठानी पड़ी। इन दिनों मात्र पीलीभीत से मैलानी व शाहजहांपुर रूट पर पांच-पांच ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। ऐसे में ट्रेनों की संख्या कम होने से यात्रियों को दिक्कतों के बीच सफर करना पड़ा। जिन रेल यात्रियों को पीलीभीत से बरेली या आगे का सफर करना था, उन्हें टैक्सी व रिक्शों की मदद से बस स्टैंड पहुंचना पड़ा।
डग्गामारों के आगे बेेबस रहे यात्री
जिले में टनकपुर व बरेली रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद होने व जिले के अन्य ग्रामीण अंचलों में परिवहन की व्यवस्था न होने का फायदा डग्गामारों ने जमकर उठाया। आसाम चौराहा, नौगवा चौराहा, गौहनिया चौराहा से चलने वाले डग्गामार वाहन संचालकों ने यातायात नियमों की धज्जियां तो उड़ाई ही, साथ ही जमकर मनमाना किराया वसूला।