आबादी वाले इलाके में बाघ की चहल कदमी रोकने के लिए खेतों में बांधा गया पड्डा बाघ खा गया और पास के पंपिंग सेट पर पानी पिया और खेतों में छिप गया। मानीटरिंग टीम को पड्डे के अवशेष मिले हैं। टीम ने बाघ के पद चिह्न भी ट्रेस किए हैं। बराही जंगल से कुछ दूरी पर स्थित गांव कीरतपुर, अर्जुनपुर, भीमपुर में कई दिनों से बाघ की चहल कदमी हो रही है। बाघ कई किसानों की पशुशाला में घुसकर पशुओं को अपना शिकार बना चुका है। बाघ की चहल कदमी न रुकने से क्षेत्र के किसान दहशत में हैं। क्षेत्र के लोगों को जागरूक करने के लिए सामाजिक वानिकी के डीएफओ आदर्श कुमार ने डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल के नेतृत्व में छह सदस्यीय मानीटरिंग टीम का गठन किया है। टीम का नेतृत्व कर रहे डिप्टी रेंजर आरिफ जमाल ने बताया कि बाघ आबादी में न आए, इसको लेकर सोमवार की रात आबादी के बाहर गांव कीरतपुर के समीप एक पड्डे को बांधा गया था। बाघ ने मंगलवार को सुबह करीब छह बजे पड्डे पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया।