माधोटांडा क्षेत्र की ग्राम पंचायत भैरोकलां के कार्यवाहक प्रधान और सचिव पर विकास कार्यों के नाम पर 21 लाख का गोलमाल करने का आरोप लगा है। इस पर डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच सौंपी है। भैरोकलां ग्राम पंचायत के प्रधान गुरुप्रीत सिंह उर्फ गोपी करीब आठ माह पूर्व गांव में हुई हत्या के आरोप में जेल में बंद हैं। प्रधान के जेल जाने के बाद डीएम के निर्देश पर गांव के ही जगतार सिंह को कार्यवाहक प्रधान नियुक्त किया गया था। प्रधान बनने के बाद जगतार सिंह ने विकास कार्य प्रारंभ कराए गए लेकिन चंद महीनों बाद ही उन पर वित्तीय अनियमितता के आरोप लगने शुरू हो गए। इस गांव में भी मरौरी ब्लाक की हरकिशनापुर ग्राम पंचायत की तरह बिना कार्ययोजना की स्वीकृति के ही 21 लाख रुपये विकास कार्यों पर खर्च होना दर्शाया गया है। विकास कार्यों में गड़बड़ी की शिकायत को गंभीरता से लेकर डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी देवेंद्र कुमार को जांच अधिकारी नामित जेई आरईएस के साथ दो सदस्यीय टीम गठित की है। डीपीआरओ शशिकांत पांडेय ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई ही जाएगी।