तहसील के पुराने खंडहर भवन के नीलाम होने के बाद खाली हुई जमीन का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
पूरनपुर। तहसील के पुराने खंडहर भवन के नीलाम होने के बाद खाली हुई जमीन पर कुछ अधिवक्ताओं ने चैंबरों का निर्माण करा लिया। तहसीलदार ने चार चैंबरों को ध्वस्त करा दिया। चैंबरों को लेकर अधिवक्ताओं और एसडीएम में मंगलवार को वार्ता भी हुई।
तहसील के पुराने खंडहर भवन का नीलाम किया गया था। ठेकेदार ने भवन को ध्वस्त कराकर जमीन को खाली कर दिया। खाली हुई जमीन पर कुछ अधिवक्ताओं ने चैंबरों का निर्माण करा लिया। प्रभारी अधिकारी नजारत ने 21 सितंबर को एसडीएम को पत्र भेजकर खाली हुई जमीन राजस्व विभाग के स्वामित्व/ प्रबंधाधीन होने के बाद जमीन पर अतिक्रमण कर चैंबरों के निर्माण किन परिस्थितियों में चल रहा है, इसका हवाला देकर जमीन से तत्काल कब्जा हटवाकर सप्ताह भर के अंदर अवगत कराने को कहा। इस क्रम में तहसीलदार आशीष गुप्ता ने सोमवार शाम को मौके पर पहुंचकर तीन-चार चैंबरों को ध्वस्त करा दिया। मंगलवार को इसको लेकर एसडीएम और वकीलों की वार्ता हुई। एसडीएम मंयक गोस्वामी ने बताया कि खाली हुई जमीन पर जिस स्थान पर तहसीलदार का आवास बनना है, उस स्थान पर कुछ वकीलों ने ईंटें लगा ली थी। इनको तहसीलदार ने हटवा दिया। वार्ता में वकीलों को जमीन पर चैंबर निर्माण न कराने और चैंबर निर्माण को नियमानुसार स्वीकृत लेने को कहा गया। प्रगतिशील अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय सक्सेना ने बताया कि जिन अधिवक्ताओं के चैंबरों को ध्वस्त कराया गया। वे एसोसिएशन की बगैर राय के निर्माण कराए गए थे। अन्य बनाए गए चैंबरों के स्थान पर अधिवक्ता हाल प्रस्तावित है। इसके लिए केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने धनराशि देने का भी आश्वासन दिया है। एसोसिएशन से स्वीकृत लेकर बनाए गए चैंबरों को किसी कीमत पर नहीं हटने दिया जाएगा।