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हड़ताल के खौफ से गिरे धान के दाम

Wed, 12 Oct 2016 11:24 PM IST
ब्ययूराो, अमर उजाला पीलीभ्ाीत
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प्रशासन की धींगामस्ती और व्यापारियों की रणनीति में किसान लुटने को मजबूर हैं। राइस मिलर्स ने अपनी मांगों को लेकर 16 से हड़ताल का ऐलान किया है लेकिन इसका असर अभी से दिखने लगा है। खुले बाजार में धान का दाम 100 से 150 रुपये तक गिर गया है। व्यापारी और मिलर्स खुली खरीद कर रहे हैं। वहीं प्रशासन मूक दर्शक बनाकर इसे देख रहा है।
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यूं तो शासन ने पहली अक्तूबर से धान खरीद के आदेश दिए हैं  लेकिन बुधवार को 12वें दिन सरकारी धान खरीद का खाता भी नहीं खुला है। क्रय एजेंसियों ने केंद्र निर्धारित कर बैनर तो लगा दिए लेकिन न तो हैंडलिंग ठेकेदार नियुक्त हुए हैं न ही वारदाना व धनराशि उपलब्ध है। सरकारी उपेक्षा का शिकार किसान मंडी में आढ़तों पर धान बेचकर अगली फसल की तैयारी कर रहा है। लेकिन राइस मिलर्स ने भी अपनी समस्याओं को लेकर हड़ताल का ऐलान कर दिया है। इससे किसान पर दोहरी मार पड़ रही है। हड़ताल भले ही 16 अक्तूबर से होगी लेकिन इसके एलान का असर बुधवार को ही मंडी में साफ दिखा। धान के दामों में 100 से 150 रुपये प्रति क्विंटल तक गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को मंडी में करीब 20 हजार क्विंटल आवक दर्ज की गई। लेकिन किसानों को 850 रुपये से लेकर 1050 रुपये तक के ही दाम मिले। भाकियू जिलाउपाध्यक्ष मंजीत सिंह ने कहना है कि खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री के गृह जनपद में भी किसानों को फसल का पूरा दाम नहीं मिल रहा है। मिलीभगत के चलते किसानों को लूटा जा रहा है। उन्होंने बताया कि मिलर्स अभी कम दाम पर सीधी खरीद कर स्टाक कर रहे हैं वहीं यही धान क्रय केंद्रों पर खरीदना दर्शाकर लाखों के बारे न्यारे किए जाएंगे।

रेट गिरने से आढ़ती भी परेशान
मंडी में धान की अच्छी आवक आ रही है लेकिन किसानों को इसका पूरा दाम न मिलने पर आढ़ती भी परेशान हैं। आढ़तियों का कहना है कि दाम कम होने पर उनका कमीशन भी घट जाता है जिससे उन्हें नुकसान होता है।
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सीधी खरीद कर खेल करने में जुट है राइस मिलर्स
अमर उजाला ब्यूरो 
पूरनपुर। शासन के आदेश के 12 दिन बाद भी धान खरीद शुरू नहीं हो सकी। परिणाम स्वरूप धान माफिया औने-पौने दामों में धान की खरीद करने में जुटे है। अधिकांश राइस मिल सीधी खरीद कर किसानों का शोषण कर रहे है। 
तहसील खाद्यान्न उत्पादन में अग्रणी है। इसी के चलते जिले भर में खोले जाने वाले धान और गेहूं खरीद में करीब आधे खरीद केंद्र तहसील क्षेत्र में रहते है। खरीद का लक्ष्य भी पूरनपुर से ही पूरा होता है। इस बार भी धान खरीद को सर्वाधिक धान खरीद केंद्र पूरनपुर तहसील में खुलना स्वीकृत किए गए। धान खरीद एक  अक्तूबर से शुरू करने का दावा किया गया, लेकिन बारह दिन निकल जाने के बाद अब तक धान खरीद शुरू नहीं हुई है। धान माफिया इसका लाभ लेते हुए फसल को औने-पौने दामों में खरीद रहे है। उधर, अधिकांश राइस मिल भी सीधी खरीद करने में जुटे हुए है। धान खरीद केंद्र न खुलने से किसान फसल को औने-पौने दामों में बिक्री करने को मजबूर है। मंडी समिति सचिव प्रवीन अवस्थी ने बताया कि धान मानक के अनुरूप न आने से धान की खरीद शुरू नहीं हो पा रही है। सीधी खरीद किसी कीमत पर नहीं होने दी जाएगी। बृहस्पतिवार से चैङ्क्षकग अभियान चलाया जाएगा। सीधी खरीद होती मिलने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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