पीलीभीत। महोफ रेंज की लंगड़ी बाघिन का छह मई के बाद से पता नहीं लग सका। निगरानी में जुटी टीमें संसाधनों की मदद से उसकी खोज में जुटी हैं। शुक्रवार को अपर पीसीसीएफ के निर्देश के बाद निगरानी के दायरे को बढ़ाया गया है। जंगल के दूसरे हिस्से में भी कैमरे लगाए गए हैं। हालांकि शनिवार देर शाम तक उसकी कोई मौजूदगी दिखाई नहीं दी।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज में तीन मई को लंगड़ाकर चलने वाली बाघिन का वीडियो सामने आया था। इसके बाद विभाग की टीम ने निगरानी शुरू कर दी थी। करीब 14 कैमरों को लगाने के साथ हाथियों और रेस्क्यू ट्रैक्टर से भी उसकी खोजबीन शुरू की गई। स्थिति देख बाघिन को रेस्क्यू करने की अनुमति भी ले ली गई। इसके बाद छह मई को कुछ देर चहलकदमी देखे जाने के बाद बाघिन फिर लापता हो गई।
विभागीय टीम उसकी तलाश में जुटी रही, लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। मामले की गंभीरता को देखते हुए शुक्रवार को अपर पीसीसीएफ प्रोजेक्ट टाइगर ललित कुमार ने भी मौके पर पहुंचकर स्थिति को परखा था। जानकारी जुटाने के साथ जरूरी निर्देश भी दिए थे। इसके बाद अफसरों ने निगरानी का दायरा बढ़ा दिया। जंगल के दूसरे हिस्से में भी निगरानी शुरू की गई है। इसके साथ ड्रोन की संख्या बढ़ाकर तीन कर दी गई। अफसरों का दावा है कि दिन के अलावा रात में भी टीम क्षेत्र में निगरानी में जुटी है। हालांकि शनिवार देर शाम तक बाघिन की कोई चहलकदमी नहीं मिल सकी।
30 कैमरे और तीन ड्रोन के अलावा अन्य संसाधनों की मदद से नजर
डीएफओ भरत कुमार डीके के अनुसार बाघिन की निगरानी का दायरा बढ़ा दिया गया है। बाघिन के एरिया बदलने की संभावना जताते हुए यह निर्णय लिया गया है। अब कुल 30 कैमरे और तीन ड्रोन के अलावा अन्य संसाधनों की मदद से उसपर नजर रखी जा रही है। टीम अलर्ट मोड पर हैं। मौजूदगी दिखाई देने के बाद बाघिन को रेस्क्यू करने पर अमल किया जाएगा।