पीलीभीत। शहर को जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैठक में मुद्दे तो उठाए जाते है, लेकिन क्रियान्वित नहीं हो पाते। यही कारण है कि शहर में जाम की समस्या से निजात नहीं मिल पाती। ई-रिक्शा के लिए नंबर सिस्टम, कलर कोड और कई तरह से संचालन करने की कवायद तो की गई। मगर यह क्रियान्वित नहीं हो पाई।
मुख्य बाजार, स्टेशन रोड पर ई-रिक्शा चालकों की मनमानी जाम का कारण बनती है। ऐसे में जाम के कारण स्कूली बच्चों को काफी परेशानी होती है। जिसको लेकर हाल ही में प्रशासनिक अधिकारियों व एआरटीओ ने बैठक कर ई रिक्शों के लिए रूट तय करने की बात कही थी लेकिन ऐसा हो नहीं पाया।
जिससे सुनगढ़ी चौराहा, गैस चौराहा, विशाल टॉकीज, चावला चौराहा, सुनहरी मस्जिद, नींबू मंडी, बरेली गेट आदि जगहों पर दिन में कई बार जाम लगता, जिससे लोगों को काफी दिक्कत होती है।
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नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे चालक
सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय में लगभग 3000 हजार ई-रिक्शा पंजीकृत है। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले 25-30 ई रिक्शा चालकों पर कार्रवाई की गई। इसके अलावा बिना पंजीकृत चलाए जा रहे लगभग 200 ई-रिक्शों को कटवाया भी जा चुका है। फिर भी चालक नियमों का उल्लंघन करने से बाज नहीं आ रहे।
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300 चालकों ने बनवाए लाइसेंस
ई-रिक्शा चलाने के लिए सभी चालकों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। हर माह बिना लाइसेंस ई-रिक्शा चलाने पर 40-45 चालकों का चालान किया जाता है। ऐसे में लाइसेंस बनवाने के लिए पिछले चार माह में विभाग के पास लगभग 500 आवेदन आ चुके है। जिसमें लगभग 300 आवेदकों को लाइसेंस जारी हो चुके हैं।
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नंबर ऑफ रूट के जरिये रिक्शा संचालन की योजना
कलर कोड को लेकर विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों ने रणनीति तैयार की थी, लेकिन किन्हीं कारणों से यह सफल नहीं हो सकी। अब नंबर ऑफ रूट के जरिये संचालन की योजना है।
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ई-रिक्शा चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जल्द ही इनके लिए एक बेहतर विकल्प चुनकर संचालन कराया जाएगा। कोशिश रहेगी कि शहर में जाम की स्थिति न बने।
- वीरेंद्र सिंह, एआरटीओ