जितेंद्र अवस्थी
पीलीभीत। करीब 20 माह पूर्व बलिदान हुए सैनिक मनतेज के घर की सड़क का निर्माण जनप्रतिनिधियों और अफसरों के वादों की पोटली में ही बंद होकर रह गया। ऊबड़-खाबड़ कच्चे रास्ते पर उड़ती धूल बड़े-बड़े दावों की पोल खोलती रही। सिक्किम में बलिदान हुए हवलदार लखविंदर सिंह का घर भी इसी कच्चे रास्ते पर है। यह रास्ता पूर्व में बलिदान हुए सतनाम सिंह के घर भी जाता है।
कलीनगर तहसील क्षेत्र में करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में तीन बलिदानियों का घर है। इसमें गांव पलिया धुरिया निवासी मनतेज करीब 20 माह पूर्व बलिदान हुए थे। सोमवार को हवलदार लखविंदर सिंह सिक्किम के भूस्खलन में बलिदान हो गए। कुछ वर्ष पहले मझारा निवासी सतनाम सिंह भी बलिदान हुए थे। तीनों बलिदानियों का घर करीब ढाई किलोमीटर के दायरे में है। बलिदानी मनतेज सिंह के घर को जाने वाली सड़क अब तक कच्ची है। यही सड़क बलिदानी लखविंदर के घर को भी जाती है। बताया जा रहा है कि मनतेज के परिजनों ने करीब 500 मीटर लंबी इस सड़क के निर्माण के लिए लोक निर्माण्ण विभाग और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से गुहार भी लगाई। अन्य अफसरों से भी मांग की, लेकिन सड़क निर्माण पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। यही सड़क सतनाम के घर को भी जाती है। तीनों बलिदानियों के घरों तक सड़क का निर्माण तो इसकी दूरी करीब 1300 मीटर हो जाएगी। इस सड़क का निर्माण विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे करने वाले अफसरों और जनप्रतिनिधियों के वायदों की पोटली में ही बंद है। धुरिया पलिया के प्रधान मनप्रीत सिंह ने बताया कि सड़क निर्माण के संबंध में मनतेज के परिजनों और उन्होंने भी लोक निर्माण विभाग को पत्र दिया। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि से भी कहा था। मगर निर्माण नहीं हो सका। संवाद
गेट बना न ही कोई अन्य बलिदानियों की याद में कोई अन्य निर्माण
मनतेज के बलिदान होने के बाद गांव और आसपास के लोगों ने स्मृति द्वार बनवाए जाने की मांग की। मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया। लखविंदर के बलिदान होने के बाद इन मांगों ने फिर जोर पकड़ा है। दो गेट और स्टेडियम निर्माण की मांग परिजनों और ग्रामीणों ने की है। देखना यह है कि जिले के जन प्रतिनिधि बलिदानियों के सम्मान में यह कार्य कब पूरे कराते हैं।
बलिदानी के घर पहुंचे गन्ना राज्यमंत्री
गन्ना राज्यमंत्री संजय गंगवार बृहस्पतिवार को बलिदानी हवलदार लखविंदर सिंह के घर पहुंचे। चित्र पर पुष्प अर्पित कर संवेदनाएं व्यक्त की। परिजनों को ढांढस बंधाया। कहा कि दुख की इस घड़ी में वह उनके परिवार के साथ खड़े हैं। राज्यमंत्री ने लखविंदर के सात वर्षीय बेटे से भी मुलाकात की।
हमें इस संबंध में जानकारी नहीं है। किसी ने हमें सड़क के बारे में हमें बताया भी नहीं। अगर परिवार के लोग चाहेंगे तो सड़क का निर्माण करा दिया जाएगा। - बाबूराम पासवान, विधायक पूरनपुर