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Pilibhit News: गड्ढों में तब्दील हुआ उत्तराखंड को जोड़ने वाला मार्ग, एक लाख की आबादी परेशान

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प्रशांत साना।
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कलीनगर। तहसील क्षेत्र के तराई इलाके की एक लाख आबादी के लिए उत्तराखंड आने-जाने वाला आठ किमी लंबा मार्ग बदहाल है। मार्ग पर गहरे गड्ढे होने से लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इस संबंध में अफसरों और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की पर कोई नतीजा नहीं निकला।
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तराई क्षेत्र में शारदा डैम की तलहटी में नेपाल सीमा तक दस से अधिक गांवों की करीब एक लाख की आबादी बसी है। इस इलाके से उत्तराखंड का खटीमा जिला नजदीक है। इस वजह से लोग रोजमर्रा का सामान खरीदने के लिए खटीमा भी जाते हैं। इसके अलावा कृषि फसलों की बिक्री आदि करने के लिए भी बूंदीभूड़ गांव से होकर उत्तराखंड जाते हैं।
इस मार्ग को गन्ना विभाग ने बनवाया था, लेकिन बाद में देखरेख की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के अधीन आ गई। इसके बाद देखरेख के अभाव में यह मार्ग जर्जर हो गया। इस समय मार्ग पर गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं। जिस कारण लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना करने पड़ रहा है।
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क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि उत्तराखंड की सीमा नजदीक हैं। रोजमर्रा के सामान के अलावा कृषि और सब्जी की कीमत अच्छी मिलने के कारण वहां जाना रहता है। मार्ग के जर्जर होने से समस्या बढ़ गई है। कई बार क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और अफसरों को जानकारी दी, लेकिन अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है। अधिशासी अभियंता राजेश चौधरी ने बताया कि सड़क को लेकर जानकारी की जाएगी। इसके बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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सीएम धामी के समक्ष रखी समस्या तो उत्तराखंड की सीमा में सुधर गई सड़क
पूर्व में लोकसभा चुनाव के दौरान उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी तराई क्षेत्र के दौरे पर आए थे। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों ने उनके समक्ष सड़क की मरम्मत कराने की मांग रखी थी। सीएम ने समस्या को गंभीरता से लेकर अफसरों को निर्देश दिए। कुछ दिन बाद उत्तराखंड की सीमा में मार्ग की स्थिति ठीक हो गई, लेकिन जनपद सीमा में स्थिति अब भी जस की तस है।
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इन गांवों के लोग करते है आवागमन
पुरैना, सेल्हा, धुरिया पलिया, रमनगरा, कंजिया सिंहपुर, गभिया सहराई, महाराजपुर, नौजल्हा, बंदरभोज, बूंदीभूड़ ।
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शिकायत की, पर नहीं हुई सुनवाई
उत्तराखंड को जोड़ने वाला मार्ग लंबे समय से जर्जर है। गहरे गड्ढे होने से आवागमन करना मुश्किल हो गया है। नेताओं और अफसरों से शिकायत के बाद भी कोई सुधार नहीं कराया जा रहा है।
- प्रशांत साना, रमनगरा
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तराई के लोग उत्तराखंड जाने के लिए इस मार्ग का ही इस्तेमाल करते हैं। लंबे समय से मार्ग जर्जर होने से दिक्कत बढ़ गई है। मार्ग के निर्माण को लेकर मांग की जा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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- हर्षित सरकार, पुरैना

प्रशांत साना।

प्रशांत साना।

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