फर्जी मुठभेड़ के खुलासे के बाद प्रदेश में तहलका मच गया था। प्रिंट मीडिया का दौर ही दौर था। फर्जी मुठभेड़ के आरोप में तब तत्कालीन एसपी आरडी त्रिपाठी का तबादला कर दिया गया था। इसके बाद जिले की पुलिस उनके समर्थन में हड़ताल पर चली गई थी। सड़क पर भी पुलिस उतरी थी। हालात बिगड़ते देख गृहराज्यमंत्री सूर्य प्रताप शाही तक को यहां आना पड़ा था। सिख नेताओं में लेफ्टीनेंट जरनल जगजीत सिंह अरोड़ा, बलवंत सिंह रामूवालिया समेत कई बड़े नेता यहां पहुंचे थे।
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छुट्टी लेकर चले गए तीन पुलिस वाले
क्रासर...
फर्जी मुठभेड़ के आरोपी तीन पुलिस वाले अभी भी थे जिले में तैनात
अमर उजाला ब्यूरो
पीलीभीत। फर्जी मुठभेड़ के मामले में सीबीआई ने जिन 47 लोगों को दोषी सिद्ध करार दिया है उनमे से गजरौला थाना में तैनात दुर्विजय व कुंवरपाल मौजूदा समय में गजरौला थाने में तैनात हैं। इसके अलावा मुंशी दुर्वेश पूरनपुर कोतवाली में तैनात है। दोष सिद्ध के दौरान तीनों सीबीआई कोर्ट में शुक्रवार को मौजूद नहीं रहे। एसओ गजरौला राजेश यादव ने बताया कि 30 मार्च को एएसपी से तीन दिन की छुट्टी स्वीकृत करा अवकाश पर चले गए हैं।