डीएम के आदेश पर अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत टास्क फोर्स द्वारा तोड़े गए सिद्धबाबा मंदिर के विवाद में कई संगठन के नेताओं के आगे आने और एक जून से अनशन की चेतावनी देने के बाद पुलिस महकमा बैकफुट पर है। खुद के घिरने पर एचएचओ सुनगढ़ी हरगोविंद सिंह पर गाज गिरा दी है। एसपी ने सात दिन बाद एचएसओ को हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया है। इनके स्थान पर पीआरओ गोपीचंद यादव को तैनात किया गया है। मंगलवार को पूरनपुर गेट चौकी के पास स्थित सिद्धबाबा मंदिर को डीएम के निर्देश पर नायब तहसीलदार अनुराग की अगुवाई में पहुंची टास्क फोर्स ने तोड़ दिया था। प्रशासनिक अफसरों ने कार्रवाई के पीछे पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अवैध निर्माण होने को कारण बताया, जबकि गांव के लोगों ने मंदिर के पीछे के प्लाट स्वामी से चल रहे विवाद में मोटी रकम लेकर कार्रवाई करने की बात कही है। बुधवार को डीएम से वार्ता विफल साबित होने के बाद हाईवे पर पुलिस पर पथराव और तीन वाहनों को फूंक दिया गया था। इसमें 12 लोग जेल भेजे जा चुके हैं। एक दिन पहले सोमवार को हिंदू जागरण मंच, विश्व हिंदू परिषद, सेवा भारती, भारतीय मजदूर संघ, भारतीय जनता पार्टी, के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से डीएम से मुलाकात कर ज्ञापन दिया था। 31 जून तक मंदिर के दोबारा निर्माण एवं कार्रवाईको लेकर सकारात्मक जवाब सामने न आने पर एक जून से घटनास्थल पर अनशन की चेतावनी दी है। नेताओं द्वारा अनशन की चेतावनी देने के बाद प्रशासनिक और पुलिस महकमें में खलबली मची हुई है। वहीं राजनीतिक सरगर्मियां एक बार फिर तेज होने पर खुद को घिरता देख आंदोलन को शांत करने में अफसर जुट गए हैं। इसी को लेकर मंगलवार को अचानक एसपी देवरंजन वर्मा की ओर से सुनगढ़ी एचएसओ हरगोविंद सिंह पर कार्रवाई कर दी गई है। उनको थानाध्यक्ष पद से हटाकर क्राइम ब्रांच भेज दिया गया है। जबकि अभी तक अफसर आईजी के स्तर से कराई जा रही जांच के बाद कार्रवाई की बात कह रहे थे। इनके स्थान पर पीआरओ गोपीचंद यादव को सुनगढ़ी थानाध्यक्ष बनाया गया है।