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गांव तक फैला है दावत-ए-इस्लामी का नेटवर्क, हर साल एक करोड़ से ज्यादा का जुटाते हैं चंदा

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पीलीभीत। उदयपुुुर की घटना से दावत-ए-इस्लामी के तार जुड़े होने की बात सामने आने के बाद खुफिया तंत्र सक्रिय है। संगठन के बारे में तमाम जानकारियां जुटाई जा रही हैं। अपने जिले में भी यह संगठन सक्रिय है। सिर्फ शहर की नहीं, बल्कि गांवों तक इसका नेटवर्क फैला है। हर साल करीब एक करोड़ का चंदा जिले से जमा कराया जाता है। हालांकि ये पैसा कहां जाता है, इसकी किसी को जानकारी नहीं।
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एक दिन पहले ही आस्तान-ए-आलिया हशमतिया सज्जादानशीन और शहर काजी मौलाना जरताब रजा खां ने संगठन को लेकर बयान जारी किया था। आस्ताने पर संगठन के लोगों के आने पर प्रतिबंध लगाया। संगठन को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं कि संगठन जिले के गांव तक सक्रिय है, लेकिन संगठन की गतिविधियों को लेकर पुलिस के पास कोई रिकार्ड नहीं है।
जबकि संगठन ने चंदा इकट्ठा करने के लिए जगह-जगह डब्बे रखे हैं। बताया जा रहा है कि शहर में एक मदरसा भी संचालित है। अब बकरीद आने वाली है, कुर्बानी के नाम पर भी संगठन धन जुटाता है। तमाम लोग कुर्बानी के लिए इनको ही पैसे दे देते हैं। मुस्लिम वर्ग के लोगों का कहना है कि संगठन जिले में कई मदसरे भी संचालित करता है। हालांकि कोई संदिग्ध गतिविधि उन्हें नहीं दिखी।
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मुस्लिम बुद्धिजीवियों की मानें तो जिले में संगठन 20 साल से ज्यादा समय से सक्रिय है। गांवों में भी सदस्य बनाए गए हैं। सिर्फ शहर से ही 50 लाख का चंदा हर साल जमा किया जाता है। इस पैसा का उपयोग कहां होता है कि इसकी जानकारी किसी को नहीं। वहीं, दूसरी तरफ खुफिया विभाग संगठन से जुड़ी जानकारी जुटा रहा है।
सोशल मीडिया पर कई ग्रुप संचालित
दावत-ए-इस्लामी के कई सोशल मीडिया ग्रुप भी संचालित हैं। व्हाट्सएप और फेसबुक पर तंजीम से जुड़ी चीजें शेयर की जाती हैं। खुफिया तंत्र ऐसे सोशल मीडिया ग्रुप को भी खंगाल रहा है।
घटना को लेकर शहर में अलर्ट घोषित है। खुराफातियों पर नजर बनी हुई है। कुछ संदिग्ध लोगों की जांच भी कराई जा रही है। हालांकि अभी तक ऐसा कुछ नहीं मिला है। -लल्लन सिंह, सीओ सिटी
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