नगर पालिका परिषद ने वर्ष 2016-17 के लिए अनुमानित 5.82 करोड़ रुपये मुनाफे का बजट पारित किया गया। पिछली बैठक की कार्यवाही की पुष्टि को लेकर दो सदस्यों के बीच जमकर तकरार हुई। बाद में मामला शांत करा दिया गया।
नगर पालिका सभागार में बुधवार को चेयरमैन प्रभात जायसवाल की अध्यक्षता में वर्ष 2016-17 का बजट पेश किया गया। लेखाकार विनोद त्रिपाठी ने वर्ष 2015-16 में हुई आय और व्यय का ब्यौरा पेश किया। सदस्य कुश कुमार ने शासन से मिली धनराशि के लैप्स होने की जानकारी मांगी। इस पर उन्हें बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में धनराशि सर्वर ठप होने के चलते लैप्स हुई थी। लेखाकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 28,82,51000 रुपये की अनुमानित आय और 23,00,37000 रुपये के व्यय का बजट पेश किया। सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से बिना किसी शोर शराबे के इसे पास कर दिया। सदस्य इकबाल हजरत ने लंबे अरसे से बिना कमेटी के कार्य कराने का आरोप लगाया। देवी सिंह ने प्रोजेक्शन फीस वसूलने की बात कही। सदस्य अनूप कुमार ने पुराने तहसील भवन में दुकानें बनवाने की बात कही। नीतू अवस्थी ने आवास विकास कॉलोनी में पेयजल व्यवस्था और कंचन सक्सेना ने प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की। कुश कुमार ने स्वकर निर्धारण प्रणाली के बारे में जानकारी मांगी तो बताया गया कि स्वकर निर्धारण प्रक्रिया अप्रैल से लागू होगी। नगर स्वास्थ्य अधिकारी के बैठक में न आने पर उन्हें हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया। बैठक में सभासद सुभाष सोनकर और अनूप कुमार के बीच गत बैठक की पुष्टि को लेकर जमकर तकरार हुई। बाद में चेयरमैन और सदस्यों ने मामला शांत कराया। बैठक में ईओ वीपी सिंह, संपत्ति अधिकारी संतोष कुमार, जेई सोमप्रकाश, सदस्य देवी सिंह, अनूप कुमार, वेदप्रकाश, पुष्पा उपाध्याय, मंजू जाससवाल, महेंद्रपाल आदि मौजूद रहे।
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यह प्रस्ताव भी हुए पारित
प्रत्येक वार्ड में पांच लाख के विकास कार्य होंगे।
सभासदों, ईओ के लिए कक्ष का निर्माण कराया जाएगा।
टैक्स गड़बडी मामले में कमेटी का गठन कर जांच कराई जाएगी।