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Pilibhit News: मीटर सिर्फ नाम का स्मार्ट.. बिल में गड़बड़ी सुधरवाने के लिए उपभोक्ता काट रहे चक्कर

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शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद
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पीलीभीत। उपभोक्ताओं के घरों में लगा बिजली मीटर सिर्फ नाम का ही स्मार्ट है। बिल में गड़बड़ी सुधरवाने के लिए उपभोक्ता संबंधित अधिकारियों के चक्कर लगाते-लगाते परेशान हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि पांच से 10 बार उपकेंद्र आ चुके हैं, मगर समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उनका कहना है कि वह किराए में भी काफी रुपये फूंक चुके हैं।
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स्मार्ट मीटर योजना ने जिले के अधिकांश बिजली उपभोक्ताओं की नींद उड़ा रखी है। जिन घराें में यह मीटर लग चुके हैं, उनमें अधिकांश उपभोक्ता बिल, रीडिंग और अन्य खामियों से परेशान हैं। शहर के उपकेंद्रों पर सुबह से इन उपभोक्ताओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है।
कर्मचारी और अफसर मिलते तो हैं, लेकिन समस्या का समाधान करने में रुचि नहीं लेते, ऐसा कहना उपभोक्ताओं का है। शुक्रवार सुबह 10:30 बजे रोडवेज बस स्टैंड स्थित बिजली उपकेंद्र पर करीब 15-20 उपभोक्ता मौजूद थे। अधिकांश उपभोक्ता स्मार्ट मीटर के बिल में गड़बड़ी सुधरवाने पहुंचे हुए थे।
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उपभोक्ताओं का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद सैकड़ों में आने वाला बिल हजारों में पहुंच गया है, जबकि खपत पहले जैसी ही है। आरोप लगाया कि अफसर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।



एक साल में लगे एक लाख मीटर, 2.50 लाख बकाया
जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के काम की रफ्तार भी काफी सुस्त है। विभागीय अफसरों के अनुसार, जिले में करीब 3.50 लाख उपभोक्ताओं के घर में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैंं। स्मार्ट मीटर लगाने का काम अगस्त 2024 में शुरू हुआ था। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी करीब एक लाख उपभोक्ताओं के घरों में ही स्मार्ट मीटर लग सके हैं। ढाई लाख स्मार्ट मीटर लगाए जाने का काम शेष है।




बिल में गड़बड़ी की शिकायतें अधिक, गलत बिल भी निकल रहे
उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि रोजाना 600 से 700 उपभोक्ता बिल जमा करने उपकेंद्र पर पहुंचते हैं। इसमें करीब 80 प्रतिशत लोग स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्या लेकर आते हैं। इनमें बिल गड़बड़ी और अन्य समस्याएं रहती हैं।



मेसेज 700 रुपये का आया, काउंटर पर मांगे 1050
बिल जमा करने आए थे। उन्हें मोबाइल पर मिले मेसेज में 700 रुपये बिल जमा करने की बात कही गई थी। काउंटर पर जमा करने पहुंचे तो 1050 रुपये जमा करने को बोला गया। पूछताछ करने पर भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। अचानक से बिल कैसे अधिक हो गया, समझ नहीं आया।- मुराद हुसैन, चिड़ियादाह


स्मार्ट मीटर लगते ही दोगुना हो गया बिल
बिजली उपकेंद्र के जाने वाले मार्ग पर पंचायत विभाग का कार्यालय है। बिल जमा करने पहुंचे युवक ने बताया कि पहले कार्यालय का बिल 500 से अधिक नहीं आता था, स्मार्ट मीटर लगने के बाद से एक हजार से अधिक रुपये का बिल जमा कर रहे हैं। - संजय मिश्रा




महीना पूरा भी नहीं, बिल दिखा रहा पांच हजार का
एक माह पूर्व ही घर में स्मार्ट मीटर लगवाया है। अभी मीटर लगे एक माह भी पूरा नहीं हुआ है, पांच हजार का बिल दिखा रहा है। जानकारी पर कोई भी अफसर सही जवाब नहीं दे रहे हैं। कोई सुनने वाला ही नहीं है- विजय कुमार, ललौरीखेड़ा



दो जगहों का पहुंच रहा बिल, उड़ी नींद
स्मार्ट मीटर लगने के बाद से उनके पास दो जगहों का बिल पहुंच रहा है। अलग-अलग आ रहे बिल की समस्या का कोई समाधान भी नहीं हो रहा। समझ नहीं आ रहा है कि किस बिल को जमा करें। कई बार विभाग के चक्कर काट चुके हैं।- शाकिर, भिकारीपुर



पांच बार अफसरों से मिल चुका है, फिर भी नहीं सुधरी गड़बड़़ी
पूर्व में लगे मीटर से 1200-1300 के करीब बिल आ रहा था। बीते तीन माह से चार से पांच हजार तक बिल पहुंच रहा है। उपकेंद्र के चक्कर लगाए। पांच बार अफसरों से भी मिल चुके हैं। मगर बिल की गड़बड़ी दूर नहीं हो सकी। - उमाचरण, मेथी सैदुल्लागंज।



डेढ़ गुना हुआ बिल, कोई सुनता ही नहीं
दो माह पूर्व ही स्मार्ट मीटर लगा है। बिल 1600 रुपये के ऊपर जा रहा है। पहले एक हजार रुपये के करीब रहता था। कई बार आ चुके हैं। अफसरों से कोई सही जवाब नहीं मिल रहा है।- अनीस, नौगंवा पकड़िया






स्मार्ट मीटर और पहले के मीटर में कुछ अंतर है। ऐसे में कई बार लोगों को भ्रम की स्थिति बन जाती है। कुछ मीटर में रीडिंग जंप कर जाती है, शिकायत पर उनका संशोधन भी कराया जा रहा है। मेसेज में आई भुगतान राशि और काउंटर पर आ रही भुगतान राशि के अंतर की शिकायतें भी आ रहीं हैं, जिसे दिखवाया जा रहा है। - विशाल श्रीवास्तव, एसडीओ मीटर


स्मार्ट मीटर से संबंधित लोगों की समस्या आ रही है। स्मार्ट मीटर प्रीपेड होने पर कुछ चार्जेज रहते हैं। इस वजह से बिल बढ़ा हुआ आता है। इसके बाद रीडिंग के अनुसार ही लोगों को बिल दिख रहा है। कुछ तकनीकी कारणों की वजह से जो बिल गड़बड़ हैं, उनका समाधान कराया जा रहा है। - पंकज भारती, प्रभारी अधीक्षण अभियंता

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

शहर के बिजली उपकेंद्र पर बिजली बिल जमा करते उपभोक्ता। संवाद

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