जिरौनिया गांव की घटना, दो पशु भी मरे
तीन लोगों को पड़ोसियों ने खिड़की तोड़कर बाहर निकाला
बेटी की शादी के लिए रखा सामान भी हुआ खाक
बृहस्पतिवार की रात जिरौनिया गांव के एक घर में अचानक आग लग गई। इससे घर में रखी पचास हजार रुपये की नगदी सहित करीब आठ लाख रुपये का सामान जलकर नष्ट हो गया। इसमे दो पशुओं की मौत हो गई और एक गंभीर रूप से झुलस गया।
जिरौनिया निवासी नत्थूलाल के मकान में एक कमरा पक्का बना हुआ है और इसके आगे छप्पर पड़े हुए है। गुरूवार की रात परिवार के सभी सदस्य छप्पर के नीचे सो रहे थे। रात करीब 11 बजे अचानक छप्पर में आग लग गयी। आग की लपटों में घिरा देख सभी घबरा गए और मदद के लिए चिल्लाने लगे। इसमें कुछ लोग तो किसी तरह बचकर बाहर निकल गए जबकि नत्थूलाल का पुत्र जसकरन, उसकी पत्नी और नत्थूलाल की पुत्री सुनीता कमरे में अंदर फंस गए। शोर शराबे पर मोहल्ले के लोग जमा हो गए। लोगों ने किसी तरह कमरे के पीछे की ओर लगी खिड़की तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बाहर निकाला। उधर, दूसरे पुत्र टीकाराम ने पशुशाला में बंधे पशुओं को खोलने का प्रयास किया। इस प्रयास में उसका पैर टूट गया साथ ही एक घोड़ा व एक भैंस की मौत हो गई जबकि दूसरी भैंस गंभीर रूप से झुलस गई। सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की माध्यम से आग पर काबू पाया गया। अग्निकांड में बेटी की शादी को रखे 50 हजार रुपये नकद, दहेज का सामान एवं अन्य घरेलू सामान सहित करीब आठ लाख की सम्पत्ति जलकर नष्ट हो गई। सुबह घटना की तहरीर मिलने पर पुलिस ने मुकदमा रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
राजस्व कानूनगो छेदालाल व लेखपाल मोतीलाल ने नुकसान का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है।
कैसे पीले होंगे बेटी का हाथ
अग्निकांड में नत्थूराम की वर्षों की कमाई के साथ ही बेटी की शादी को इकठ्ठा किया गया दहेज एवं नकदी भी जलकर नष्ट हो गई। घटना से परिवार पूरी तरह बर्बाद हो गया है। 21 अप्रैल को उसकी बेटी सुनीता की बारात आनी है। इसके लिए परिवार तैयारियों में लगा था। लेकिन आग में सब कुछ नष्ट हो जाने से जहां उसे खुद की जिदंगी फिर से शुरू करने जद्दोजहद करनी पड़ेगी वहीं बेटी की हाथ पीले करने का इंतजाम भी करना होगा।