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वादों की फेहरिस्त लंबी, लेकिन विकास जीरो

Thu, 24 Dec 2015 12:08 AM IST
पीलीभीत।
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शहर में करीब पांच माह पहले वृहद स्तर पर अतिक्रमण हटाकर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुरू की गई थी। उस दौरान विकास के लंबे चौड़े वादे भी किए गए, लेकिन अभी तक सवा दो लाख की आबादी वाले इस शहर में विकास की बात तो दूर, वह मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल सकी जिसकी इसे दरकार है। टूटी फूटी सड़कों व जर्जर नालियों की मरम्मत को ही विकास का नाम दे दिया जाता है। जनप्रतिनिधि भी इस मामले में कोई खास दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं।
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नहीं मिला एक अदद स्थाई डलाव घर
शहर में 27 वार्ड हैं, लेकिन नगरपालिका के सौ वर्ष पूरे होने के बाद भी इस बड़े शहर को कूड़ा डालने के लिए कोई स्थाई जगह नसीब नहीं हो सकी। शहर भर में करीब 34 अस्थाई डलावघरों में पालिका द्वारा कूड़ा डाला जा रहा है जो शाम तक ही उठ पाता है।
पार्किंग के नाम पर भी कुछ नहीं
शहर के बाहर या भीतर पाकंग की कोई व्यवस्था नहीं है। वाहन संचालकों को अपने वाहन सड़कों के किनारे ही खड़े करने पड़ते हैं। इससे शहरवासियों को जाम से जूझने के साथ वाहन चोरी की घटनाएं भी होती रहती हैं।
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फुटपाथ के नाम पर भी शहर निल
जिले की दो तहसीलों में फुटपाथ व डिवाइडरयुक्त सड़कें देखने को मिलेगी, लेकिन जिला मुख्यालय की सड़कों पर न तो फुटपाथ दिखता है और न ही डिवाइडर। हाल ही में बनी प्रमुख सड़कों को भी डिवाइडरविहीन बनाया गया है।
विस्तारीकरण का मामला भी अधर में
शासन की मांग पर नगरपालिका के विस्तारीकरण का प्रस्ताव भेजा गया था। इसमें नौगवा पकड़िया, बरहा, चिड़ियादाह, देशनगर को पालिका क्षेत्र में शामिल करने की कवायद शुरू की गई थी, लेकिन पैरवी न होने से मामला अधर में लटका है।
जल्द दिखेंगे धरातल पर विकास कार्य
पार्किंग को लेकर मीना बाजार चिह्नित किया गया है। वहां वाहन खड़ा कराने की जिम्मेदारी प्रशासन की है। शहर में विकास को लेकर खाका खींचा जा चुका है। उम्मीद है कि जल्द ही विकास कार्य धरातल पर दिख सकेंगे।
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- प्रभात जायसवाल, नगरपालिका अध्यक्ष
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