पीलीभीत। रजिस्ट्री कार्यालय में एक के बाद एक नया मामला सामने आ रहा है। जांच में पता चला है कि कातिब संघ के वर्तमान अध्यक्ष के लाइसेंस का ही नवीनीकरण नहीं हुआ है। आखिरी बार वर्ष 2020 में लाइसेंस का नवीनीकरण (रिन्यू) हुआ था। तत्कालीन डीएम ने भी इस संबंध में नोटिस सब रजिस्ट्रार को जारी किया था, लेकिन सब रजिस्ट्रार ने इसका कोई जवाब नहीं दिया।
जिले के निबंधक और उपनिबंधक कार्यालयों की वर्तमान में गहनता से जांच चल रही है। जांच एडीएम (वित्त एवं राजस्व) ऋतु पूनिया की ओर से की जा रही है। जांच में एक-एक कातिब की कच्चा चिट्ठा निकाला जा रहा है। दस्तावेजों की जांच करने के दौरान एडीएम ने पाया कि कातिब संघ के अध्यक्ष के लेखन लाइसेंस का नवीनीकरण वर्ष 2021 के बाद से नहीं हुआ है।
इस संबंध में तत्कालीन डीएम की ओर से सब रजिस्ट्रार को नोटिस जारी कर लाइसेंस के नवीनीकरण न होने का कारण पूछा गया था, लेकिन इसके बाद उनका तबादला हो गया तो मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
बृहस्पतिवार को तीनों तहसीलों- बीसलपुर, पूरनपुर और सदर में कार्यरत कातिबों के लाइसेंस नवीनीकरण संबंधी जानकारी मांगी गई। इसमें लाइसेंस नवीनीकरण न होने पर भी कार्य कर रहे कातिबों के नाम की सूची भेजी गई थी। नामों को खंगाला गया तो पता चला कि कातिब संघ के अध्यक्ष के ही लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं हुआ है। इसके बाद एडीएम ने गत नोटिस का जवाब न देने पर उनका स्पष्टीकरण मांगा है।
जिले में एक साल में 30 हजार से अधिक होती हैं रजिस्ट्रियां
जिले के तीनों तहसील क्षेत्रों में साल भर में लगभग 27,375 रजिस्ट्रियां होती हैं। सभी रजिस्ट्रियां टाइपिंग की हुई होती हैं। यह सभी रजिस्ट्रियां बिना टंकण लाइसेंस के ही हो रहीं हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एक तहसील क्षेत्र में रोजाना करीब 25 से 30 रजिस्ट्रियां होती हैं।
कातिब संघ के अध्यक्ष राकेश जौहरी के लाइसेंस का ही नवीनीकरण नहीं हुआ है। इस संबंध में तत्कालीन जिलाधिकारी ने नोटिस भी भेजा था। अब इस पर रजिस्ट्रार का जवाब मांगा गया है। कार्यवाही अभी जारी है। -ऋतु पूनिया, अपर जिलाधिकारी, वित्त एवं राजस्व