पीलीभीत। गांव दुर्जनपुर में मृत मिले तेंदुए के शरीर पर कोई चोट नहीं मिली। शरीर पर अन्य कोई जख्म भी नहीं था। पोस्टमाॅर्टम में इस बात का खुलासा हुआ है। अब अफसर बीमारी की स्थिति को जानने के लिए अन्य जांचें होने की बात कह रहे हैं।
तेंदुए की उम्र भी अधिक बताई जा रही है। उसके पेट में कुछ नहीं मिला। ऐसे में संभव है कि उसने कई दिनों से कुछ नहीं खाया होगा। संभव है कि शिकार न मिलने की वजह से वह आबादी क्षेत्र में पहुंच गया होगा। शाहजहांपुर सामाजिक वानिकी प्रभाग के डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि पोस्टमाॅर्टम में तेंदुए के बीमार होने की स्थिति को परखा जाएगा। इसके लिए अन्य कई जांचें कराई जाएंगी। इसकी रिपोर्ट बाद में मिलेगी। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों का कहना है कि तीन दिन पूर्व से तेंदुआ क्षेत्र में देखा जा रहा था। विभाग को सूचना दी गई, लेकिन निगरानी के नाम पर औपचारिकताएं निभाई जाती रही। डीएफओ नवीन खंडेलवाल का कहना है कि क्षेत्र में चहलकदमी कर रहे तेंदुए का ही शव होने का अनुमान है। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए टीम को क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाया गया है।
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सीमा विवाद में धड़ाम हुआ जागरूकता अभियान
सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र का कुछ इलाका पीटीआर और खुटार रेंज के अंतर्गत आता है। ऐसे में सीमा को लेकर विभाग के जिम्मेदार भी उदासीन बने रहते हैं। पीटीआर की ओर से जनपद में जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वन्यजीवों के संरक्षण और संघर्ष की घटनाएं रोकने के लिए बाघ एक्सप्रेस कार्यक्रम भी संचालित हो रहा है। सीमा विवाद के चलते सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में विभाग का जागरूकता अभियान जोर नहीं पकड़ पा रहा है। इससे वन्यजीवों के प्रति ग्रामीणों का रवैया नहीं बदल पा रहा है। खुटार रेंजर मनोज कुमार ने बताया कि वन्यजीवों की मौजूदगी की जानकारी पर टीम से निगरानी कराई जाती है।
टीम को नहीं मिले पगचिह्न
पूरनपुर। गांव लालपुर, उदयपुर के समीप पिछले तीन दिनों से तेंदुआ देखा जा रहा है। शुक्रवार सुबह भी गांव के समीप एक सरसों के खेत में घूमते हुए लोगों ने तेंदुआ को देखकर शोर मचाया। सूचना पर पूरनपुर वन एवं वन्य जीव प्रभाग की टीम मौके पर पहुंचे। डिप्टी रेंजर कपिल कुमार ने बताया कि मौके पर पगचिह्न नहीं मिले। निगरानी के लिए टीम लगाई गई है। संवाद