पूरनपुर। गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बगैर परीक्षा दिए विश्वविद्यालय की साइट पर विद्यार्थियों के नंबर अपलोड करने के मामले में अभी जांच पूरी नहीं हुई है। इसके बाद भी दोबारा विद्यार्थियों का परीक्षाफल विश्वविद्यालय की साइट पर अपलोड कर दिया गया। हालांकि बाद में इसे हटा लिया गया। मामला चर्चा का विषय बना रहा।
गन्ना कृषक स्नातकोत्तर महाविद्यालय में बीए चतुर्थ सेमेस्टर के हिंदी साहित्य की मौखिक परीक्षा में गैरहाजिर कई विद्यार्थियों के उपस्थिति पत्रक पर फर्जी हस्ताक्षर कर उनके अंक विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए थे। शिकायत पर कुलपति ने जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद परीक्षा नियंत्रक ने जून में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की थी। जांच समिति में उप कुलपति और दो महाविद्यालयों के प्राचार्यों को शामिल किया गया था। टीम ने विश्वविद्यालय पहुंचकर जांच की थी। मगर इस दौरान जांच समिति में शामिल उप कुलसचिव आनंद मौर्य का स्थानांतरण हो गया। जांच समिति के दो सदस्यों ने अपनी रिपोर्ट विश्वविद्यालय को भेज दी थी।
इसके बाद उक्त परीक्षा का परिणाम विश्वविद्यालय की साइट पर मंगलवार को अपलोड कर दिया गया। मगर कुछ देर बाद उसे हटा दिया गया। परीक्षाफल अपलोड होने पर कुछ लोगों ने उसका स्क्रीन शॉट भी प्राचार्य डॉ. सुधीर शर्मा को भेजा।
जांच समिति में शामिल उपाधि महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. दुष्यंत कुमार ने बताया कि जांच समिति में शामिल उप कुलसचिव डॉ. आनंद मौर्य का स्थानांतरण हो गया था। समिति में उनके अलावा बीसलपुर राजकीय डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुनील कुमार ने जांच पूरी कर विश्वविद्यालय को भेजी थी, लेकिन उनकी रिपोर्ट को सम्मिट नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि जांच टीम में अब आनंद मौर्य की जगह विधि विभाग के डॉ. अमित सिंह को शामिल किया गया है। अब दोबारा जांच के आदेश हुए है। जांच में विद्यार्थियों से भी पूछताछ की जाएगी। परीक्षाफल अपलोड होने के मामले में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार शर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया था। कुछ लोगोंं ने स्क्रीन शॉट भी भेजा है, फिलहाल परीक्षाफल हटा दिया गया है।
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जांच समिति ने अभी रिपोर्ट नहीं दी है। समिति में शामिल उप कुलसचिव का स्थानांतरण हो गया है। उनके स्थान पर दूसरे सदस्य के रूप में डॉ. अमित सिंह को शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने पर अगली कार्रवाई की जाएगी।
- संजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक, रुहेलखंड विश्वविद्यालय