पीलीभीत। एक्सपायर्ड ग्लूकोज चढ़ाने से नवजात की मौत के मामले को 25 दिन बीत गए।
मेडिकल प्राचार्य की ओर से गठित टीम ने जांच रिपोर्ट भी सौंप दी, मगर कार्रवाई अब तक नहीं हो सकी है। हाल यह है कि प्राचार्य ने अब तक रिपोर्ट ही नहीं देखी।
वहीं सीएमओ ने उसी दिन इस मामले में दो स्टाफ नर्स को निलंबित कर दिया था। 28 जनवरी को थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के गांव गायबोझ निवासी अमन सिंह ने अपने नवजात बच्चे को सांस लेने में दिक्कत होने पर जिला अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया था।
जहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया। रास्ते में नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया था कि एसएनसीयू वार्ड में उसे एक्सपायर्ड ग्लूकोज चढ़ा दिया गया। इसी वजह से मौत हुई।
परिजनों ने हंगामा भी किया था। परिजनों के आरोप पर मामले में सीएमओ व मेडिकल प्राचार्य ने अलग-अलग टीम गठित की।
प्रथम दृष्टया मामला सही पाए जाने पर सीएमओ ने दो स्टाफ नर्सों को निलंबित कर दिया। वहीं मेडिकल प्राचार्य की ओर से गठित तीन सदस्यीय टीम ने जांच रिपोर्ट तैयार कर करीब तीन दिन पूर्व सौंप दी है। बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
हाल यह है कि प्राचार्य ने टीम की रिपोर्ट को देखा तक नहीं है। जब जिम्मेदार रिपोर्ट देखने में ही तीन दिन लगा दे रहे तो कार्रवाई कब होगी अनुमान लगाया जा सकता है। संवाद