गांव नहरोसा की आबादी की ओर शारदा का कटान कुछ मंद हुआ है, लेकिन आबादी के निकट स्थित ग्रामीणों की कृषि भूमि व वन भूमि का कटान एक बार फिर तेज हो गया है। बीते 24 घंटे में नदी ने यहां वन विभाग की दो एकड़ नर्सरी सहित पांच किसानों की करीब नौ एकड़ कृषि भूमि को अपने आगोश में ले लिया।
बचाव कार्य तेजी से होने पर नहरोसा के पास नदी के भूकटान की गति कुछ धीमी पड़ गई है, लेकिन गांव के दक्षिण दिशा में भूकटान एक बार फिर तेज हो गया है। नदी के इस ताजा भू-कटान के चलते बीते 24 घंटे में वन विभाग की दो एकड़ नर्सरी के अलावा गांव निवासी रियाज अहमद की तीन, रफीक, इबारत अली, सज्जाद और फरीद अहमद की एक-एक एकड़ कृषि भूमि मय गन्ना और धान की लहलहाती फसल समेत नदी की भेंट चढ़ गई। गांव के समीप हो रहे भूकटान से किसानों में हड़कंप मचा है।
ठोकरों का निर्माण कराने की मांग
पूरनपुर। गांव ढक्का चाट निवासी विवेक सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में शारदा नदी के इस पार कटान से बचाव को ठोकरों के निर्माण की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि शारदा के भूकटान से बचाने को अब तक नदी के पार तमाम ठोकरें बनाई गई। इधर, ठोकरें न बनने से चंदिया हजारा, राहुलनगर, खिरकिया बरगदिया क्षेत्र में नदी के भूकटान से भारी नुकसान हो रहा है।