आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में विभिन्न मांगों को
लेकर समायोजित शिक्षकों का चल रहा धरना बुधवार को भूख हड़ताल में तब्दील हो
गया। फिलहाल बीएसए के आश्वासन पर देर शाम समाप्त कर दी गई। शिक्षकों ने 31
अगस्त तक मांगें पूरी न होने पर एक सिंतबर से पुन: भूखहड़ताल पर बैठने की
चेतावनी दी है।
जिले के परिषदीय विद्यालयों में तैनात समायोजित शिक्षकों
ने अतिरिक्त कक्ष निर्माण में बीईओ द्वारा रिश्वत मांगने, निलंबित शिक्षक
कमलेश का निलंबन निरस्त करने व बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर सोमवार
से अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया था। इधर बुधवार को प्रस्तावित कार्यक्रम
के तहत समायोजित शिक्षकों का धरना भूखहड़ताल में तबदील हो गया। पहले दिन
जिलाध्यक्ष महेंद्रपाल वर्मा, कमलेश कुमार, कामता प्रसाद गंगवार, जगदीश
प्रसाद गंगवार व धर्मपाल भूख हड़ताल पर बैठे।
इस दौरान जिलाध्यक्ष ने
कहा कि शिक्षकों का शोषण किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि हमारी
मांगें नहीं मानी जाती है तो 20 अगस्त से सभी समायोजित शिक्षक अवकाश लेकर
सामूहिक रूप से भूखहड़ताल में बैठेगे। बेसिक शिक्षा परिषद कर्मचारी/संयुक्त
कर्मचारी शिक्षक मोर्चा के जिलाध्यक्ष अरविंद सक्सेना, गिरीश चंद्र
सक्सेना व शहनवाज आलम ने धरना स्थल पर पहुंचकर समर्थन भी दिया।
देर शाम
जिला संयुक्त कर्मचारी परिषद के अध्यक्ष हशमुद्दीन खां की मध्यस्थता में
समायोजित शिक्षकों व बीएसए के बीच वार्ता हुई। बीएसए ने निलंबित शिक्षक
कमलेश कुमार के मामले में खंड शिक्षा अधिकारी के आने पर जांच कराने व
शिक्षकों का वेतन इसी सप्ताह उनके खातों में भेजने का आश्वासन दिया। बीएसए
के आश्वासन पर शिक्षकों ने भूखहड़ताल समाप्त कर दी। जिलाध्यक्ष ने बताया
कि बीएसए के लिखित आश्वासन पर भूखहड़ताल समाप्त की गई है। यदि 31 अगस्त तक
मांगें पूरी नहीं हुई तो एक सितंबर से पुन: भूखहड़ताल शुरू की जाएगी।
इस
मौके पर रामवीर, संजीव कुमार, रामवीर माथुर, नरोत्तम सिंह, अजयपाल शर्मा,
रामनरेश पांडेय, सुमन बाला, सुधा, ममता वर्मा, विमला गंगवार, पुरुषोत्तम
वर्मा, संतोष कुमारी, दयाराम, नोखेलाल, श्रीकृष्ण, प्रेमपाल, कालीचरन,
नेकपाल, राममूर्ति, आनंद कुमार, छत्रपाल, मुनेशराम आदि शामिल रहे।