बीसलपुर। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने युवक को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले के सात में से दो आरोपियों की गिरफ्तारी पर आरोप पत्र दाखिल किए जाने तक रोक लगा दी है। पुलिस ने इस मामले के दो आरोपियों का रविवार को चालान कर दिया।
कोतवाली के एक गांव निवासी युवक का शव 11 सितंबर को रेलवे हाल्ट पर फंदे से झूलता मिला था। पुलिस ने उसी रात में अरुण राना, शिवम राना, जतिन राना, सचिन राना, मिथुन राना, विपिन मौर्य, छेदालाल मौर्य और अखिलेश मौर्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
तीन अक्तूबर को मृतक के परिजनों ने पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार न करने पर लखनऊ विधान भवन के समक्ष आत्मदाह करनी की कोशिश की थी। लखनऊ से आदेश मिलते ही पुलिस इस मामले में सक्रिय हो गई। पुलिस ने इस मामले के नामजद आरोपियों विपिन मौर्य और अखिलेश मौर्य को शनिवार को देर रात उनके घर से गिरफ्तार कर रविवार को उनका चालान कर दिया।
अधिवक्ता अरुण राना ने अपने विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होते ही इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्वयं को और अपने भाई शिवम को निर्दोष बताया। हाईकोर्ट ने तीन अक्तूबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल होने तक दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। जिसकी पुष्टि कोतवाल संजीव शुक्ला ने भी की।