मृत आश्रितों को मिलेगा पांच लाख मुआवजा
चीनी मिल में हुई तीन मजदूरों की मौत का मामला
एलएच चीनी मिल में हुए हादसे के बाद जिला प्रशासन या फिर मिल प्रबंधन दोनों की ओर से मृतकों को दिए जाने वाले मुआवजे को लेकर सवाल खड़े हो रहे थे। परिवार वाले भी इसको जानने की कोशिश में थे। शनिवार को मिल प्रबंधन से लेकर प्रशासन तक मुआवजे की बात को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं कर पा रहा था। दोनों के इस ढुलमुल रवैये का खुलासा अमर उजाला ने भी किया था। इसके बाद मृतकों के परिवार वालों ने भी साफ तौर पर यह कह दिया कि जब तक प्रशासन अथवा मिल प्रबंधन मुआवजे की रकम के बारे में स्पष्ट घोषणा नहीं कर देता वह मृतकों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इसके बाद ही पांच-पांच लाख मुआवजे की घोषणा की जा सकी। देर रात तक प्रशासनिक अफसर और मिल के जिम्मेदार अधिकारियों के बीच मुआवजे को लेकर बातचीत जारी रही। हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों को हरसंभव मदद मिल सके, इसको लेकर पुलिस-प्रशासन के अफसर सख्त दिखाई दिए। रविवार सुबह परिवार वालों को शवों के अंतिम संस्कार के लिए मिल प्रबंधन के लोगों ने घर पहुंचकर 20-20 हजार रुपये आर्थिक मदद दी। मुआवजे के तौर पर पांच-पांच लाख रुपये आर्थिक मदद देने की घोषणा की गई। घायलों को बेहतर इलाज कराने को भी कहा गया। पहले तो परिवार वालों ने चेक मिलने के बाद ही अंतिम संस्कार करने की बात कही। इसे लेकर सिटी मजिस्ट्रेट राजितराम प्रजापति, सीओ सिटी अनुराग दर्शन ने परिवारीजनों से बातचीत कर मदद का भरोसा दिलाया जिस पर परिवार वाले मान गए। इधर खाद्य एवं रसद राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भी मुख्यमंत्री से हादसे को लेकर बातचीत कर हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
मिल के जीएम एचआर आशीष गुप्ता ने बताया कि प्रबंधन की ओर से जिला प्रशासन को तीनों मृतकों के परिवारीजनों को पांच-पांच लाख रुपये देने के लिए चेक सौप दिए गए हैं। इसके अलावा घायलों का बेहतर इलाज भी मिल प्रबंधन कराएगा।