अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने तीन वर्ष पुराने दयाराम हत्याकांड के चौथे आरोपी को भी गुरुवार को उम्रकैद और 30 हजार रुपये जुर्माना सुनाया है। तीन आरोपियों को बुधवार को ही सजा सुना दी गई थी।
थाना बीसलपुर के गांव पटनिया निवासी बृजपाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई। जिसके अनुसार देवहा नदी के किनारे मछली के शिकार को मना करने पर गांव का ही मलखान रंजिश मानता है। 26 अगस्त 2012 को वह अपने भाई दयाराम के साथ घर जा रहा था। रास्ते में मलखान, उसके साथी निरंजन, सेवाराम उर्फ सोनू, रामचंद्र उर्फ नागे घात लगाए बैठे थे। शाम साढ़े छह बजे चारों आरोपियों ने खडंजे के पास जान से मारने की नीयत से घेर लिया।
आरोपियों के पास कांता और लाठी थी। दोनों ने दयाराम पर हमला बोल दिया। दयाराम ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। अपर सत्र न्यायाधीश विनय कुमार ने निरंजन, सेवाराम उर्फ सोनू और रामचंद्र उर्फ नागे को दोषी पाकर बुधवार को उम्र कैद और प्रत्येक को 30 हजार रुपये जुर्माना सुनाया था। मलखान बरेली जेल में बंद था। गुरुवार को मलखान भी कोर्ट में आया। उसे सजा और जुर्माना सुनाया गया।