खराब फसल और कर्ज से परेशान एक और किसान ने अपनी जान दे दी। शहर कोतवाली के मोहल्ला छोटा खुदागंज निवासी 40 साल के विकलांग किसान ने गुरुवार को ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घर वालों का दावा है कि बारिश व ओलावृष्टि से आठ बीघा गेहूं इतना खराब हो गया था कि उसेे काटने के लिए मजदूर भी तैयार नहीं हुए। इससे कृष्ण गोपाल परेशान था।
मोहल्ला छोटाखुदागंज निवासी छेदालाल ने बताया कि मोहल्ले में ही रहने वाले उनके ममेरे भाई कृष्ण गोपाल की जिले के थाना जहॉनाबाद के गांव मीरापुर में आठ बीघा जमीन है। जमीन में गेहूं की फसल खड़ी थी। बारिश व ओलावृष्टि में फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। बची फसल घर लाने के लिए वह कई दिनों से मजदूर तलाश कर रहा था, लेकिन मजदूर मेहनताना भी न निकलने के कारण उसे काटने के लिए राजी नहीं हुए। उस पर बैंक का एक लाख रुपये का कर्ज था। गुरुवार को वह साइकिल लेकर घर से निकला था। बेनहर कॉलेज के पास रेलवे क्रासिंग के निकट उसने अपनी साइकिल खड़ी कर दी और इसी बीच वहां से गुजरी ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। मृतक के छह बेटियां व एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी हो चुकी है।