पीलीभीत। माला रेंज में डेरा जमाए नेपाली हाथियों का उत्पात थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार रात जंगल से बाहर निकले हाथियों ने खेतों में पहुंचकर फसलों को जमकर नुकसान पहुंचाया। झोंपड़ी और मचान को तोड़ दिया और फसलों को भी रौंदा। इसके बाद हाथी जंगल की ओर निकल गए। सूचना पर पहुंची टीम ने हाथियों की लोकेशन पर नजर रखनी शुरू की है।
शारदा नदी को पार कर करीब 20 दिन पूर्व दो नेपाली हाथी पीटीआर की माला रेंज में पहुंच गए। इसके बाद से हाथी दियोरिया और माला रेंज के जंगल में डेरा जमाए थे। रात होते ही हाथियों की सक्रियता बढ़ जाती है। हाथी जंगल से बाहर निकल फसलों को रौंदते हैं। इधर एक सप्ताह पूर्व से हाथी माला रेंज में गेस्ट हाउस के आसपास जंगल में डेरा जमाए थे। इसको लेकर विभाग की ओर से निगरानी शुरू की थी। गेस्ट हाउस क्षेत्र में बंधे पीटीआर के हाथियोंं को भी वहां से हटवाया गया। पीटीआर के हाथियों के हटते ही नेपाली हाथी उत्पाती हो गए। दो दिन पूर्व से हाथी लगातार रात के समय जंगल से बाहर निकल किसानों की फसलों को रौंदने लगे।
शनिवार रात भी दोनों हाथी जंगल से बाहर निकलकर मरौरी गांव की सीमा में पहुंच गए। हाथियों ने गेहूं और गन्ने की फसलों को जमकर रौंदा। इसके अलावा एक ग्रामीण के खेत में पड़ी झोंपड़ी और मचान को भी हाथियों ने तोड़ दिया। इसके बाद हाथी जंगल की ओर निकल गए। जानकारी के बाद ग्रामीणों ने सूचना वन विभाग को दी। इसपर सामाजिक वानिकी और पीटीआर की टीमें मौके पर पहुंची और निगरानी शुरू की है।
मरौरी जंगल में ही डेरा जमाए रहे हाथी
नेपाली हाथी रविवार को भी माला रेंज के मरौरी जंगल में ही डेरा जमाए रहे। विभाग की टीमें निगरानी में जुटी रहीं। रेंजर रोबिन सिंह ने बताया कि हाथियों की निगरानी जारी है। शनिवार रात हाथियों ने मरौरी गांव में फसल और मचान को नुकसान पहुंचाया है। रविवार को हाथियों की मरौरी जंगल में लोकेशन बनी रही। टीमें निगरानी में जुटी हैं।