पीलीभीत। बीसलपुर होकर दिल्ली जाने वाली बस में चालक ने नशे की हालत में अर्धनग्न होकर जमकर उत्पात मचाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद भी अफसरों ने चालक को अभयदान दे दिया। अफसरों की मेहरबानी विभागीय कर्मचारियों में चर्चा का विषय बनी हुई है। कार्रवाई न होने को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं भी चल रहीं हैं।
रोडवेज डिपो के अफसरों की अनदेखी के चलते आए दिन कर्मचारी व चालकों की वीडियो वायरल हो रहीं हैं। इसके बाद विभागीय अफसर कार्रवाई का दावा तो करते हैं, लेकिन कुछ दिन बाद अभयदान दे देते हैं।
करीब एक माह पूर्व पीलीभीत से बीसलपुर होते हुए दिल्ली जाने वाली रोडवेज बस के चालक ने नशे की हालत में अर्धनग्न होकर बस में जमकर उत्पात मचाया। मामले का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो अफसरों ने कार्रवाई का दावा किया। हालांकि एक माह बीत जाने के बाद चालक को विभागीय सांठगांठ के चलते दोबारा से बस संचालन के लिए दे दी गई।
जांच के नाम पर भी कर्मचारियों का वीडियो हुआ था वायरल
सर्दियाें के मौसम में एआरएम के वाहन से कर्मचारियों ने बरेली मार्ग पर नशे की हालत में चेकिंग की। चेकिंंग के दौरान दूसरे डिपो की बसों को भी चेक किया। इसके बाद भी रुपये की मांग को लेकर एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद भी विभागीय स्तर से की जाने वाली कार्रवाई में खेल कर दिया। इसको लेकर भी विभाग में चर्चाएं बनी हुई हैं।
जांचों को लटकाकर किया जा रहा विभागीय स्तर से खेल
विभाग के कर्मचारियों की ओर से की जाने वाली लापरवाही किसी से छिपी नहीं है। जब भी कोई मामला संज्ञान में आता है, तो विभागीय अफसर उसमें कार्रवाई का दावा करते हैं, लेकिन कई माह जांच लटकाने के बाद कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। इससे एक के बाद एक मामले प्रकाश में आ रहे हैं।
वर्जन
मामला संज्ञान में आने पर विभागीय स्तर से कार्रवाई की जा रही है। चालक का रूट ऑफ किया गया था। अन्य विभागीय कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। -पवन कुमार श्रीवास्तव, एआरएम।