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जिले को जल्द मिलेगा दो नई तहसील का तोहफा

Mon, 18 Jan 2016 10:39 PM IST
पीलीभीत
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जिला पंचायत चुनाव में पार्टी प्रत्याशी की जोरदार जीत के बाद जिले को अखिलेश सरकार तोहफे के रूप में दो नई तहसील देने जा रही है। कलीनगर और अमरिया को तहसील बनाने के पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर कुछ दिन पहले से ही तेजी से काम हुआ है। दोनों तहसीलों के संबंध में राजस्व परिषद द्वारा शासन को भेजी गई रिपोर्ट पर सोमवार को हाईपॉवर कमेटी ने भी हरीझंडी दे दी है। सूत्र बताते हैं कि अब कभी भी इन नई तहसीलों की सरकार घोषणा कर सकती है। इसके बाद इस जिले में तहसीलों की संख्या बढ़ कर पांच हो जाएगी।
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जिले में तहसीलों को विभाजित कर नई तहसील बनाने की मांग दस साल पहले पूरनपुर से कलीनगर को तहसील बनाने की मांग से शुरू हुई थी। बसपा शासन में इसका प्रस्ताव भी भेजा गया था, लेकिन कामयाबी नहीं मिली। इसके बाद सपा सरकार आने पर मांग ने फिर जोर पकड़ा। क्षेत्रीय लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए सपा विधायक पीतमराम ने इसके लिए पैरवी की। पहले इस प्रस्तावित तहसील में पीलीभीत के भी कुछ गांव शामिल थे। जिसे बरखेड़ा से सपा विधायक (अब राज्यमंत्री) हेमराज वर्मा ने संसोधित करवा दिया। अब इस प्रस्तावित तहसील में सिर्फ पूरनपुर तहसील के गांव हैं। राज्यमंत्री हेमराज ने भी कलीनगर को तहसील बनाने की इधर वकालत तेज की थी।
इधर स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री हाजी रियाज अहमद की पहल पर प्रशासन ने जुलाई 2015 मेें सदर तहसील को विभाजित कर अमरिया को नई तहसील बनाने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। पंचायतग चुनाव से पहले ही इसकी घोषणा की भी बात कहीव् गई थी, लेकिन पीत्नलीभीत तहसील के कुछ गांवों के उसमे शामिल होने का विरोध हेमराज वर्मा ने कर दिया था। बाद में इसमे कुछ संसोधन भी किया गया। हाईपॉवर कमेटी की मंजूरी से दो नई तहसीलों को मिले स्वीकृति से जिले में खुशी का माहौल है। अमरिया और कलीनगर में लोगों ने आतिशबाजी छुड़ाकर और मिठाई बांटकर खुशी भी मना ली है।
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कलीनगर में 170 और अमरिया में होंगे 201 गांव
पीलीभीत/पूरनपुर। जिले की दो नई तहसीलों के गठन कलीनगर का क्षेत्रफल और गांव की संख्या अमरिया की अपेक्षा कम रहेगी। कलीनगर तहसील में कुल 170 गांव रहेेंगे जबकि अमरिया तहसील में 201 गांव को शामिल किए गए हैं।
सदर तहसील के 75825 हेक्टेअर क्षेत्रफल में अब तक 473 गांव थे जिसमें तीन ब्लाकों क्रमश: मरौरी, अमरिया और ललौरीखेड़ा के क्षेत्र शामिल था। प्रशासन द्वारा भेजे गए जिस प्रस्ताव को अमरिया को नई तहसील की स्वीकृति मिली है उसमें अमरिया का क्षेत्रफल 35899 हेक्टेअर रहेगा और गांव की संख्या 201 रखी गई है और इस तहसील में अब एक मात्र ब्लाक अमरिया ही रहेगा। अमरिया तहसील बनने से सदर तहसील का क्षेत्रफल घटकर 39926 रह जाएगा और गांव की संख्या 272 होगी। लेकिन सदर तहसील में मरौरी और ललौरीखेड़ा दो ब्लाक शामिल रहेंगे। वहीं कलीनगर तहसील में मात्र 170 गांव रहेंगे जिनका कुल क्षेत्रफल 28611 हेक्टेअर होगा। इस प्रकार अमरिया तहसील कलीनगर से बड़ी होगी।
पूरनपुर। कलीनगर को तहसील बनाने को तहसील क्षेत्र के 495 गांव में 170 गांव, 146629 हेक्टेयर  भूमि मेें 53558 हेक्टेयर भूमि, विकास खंड का आंशिक भाग, 546947 जनसंख्या में 182281 जनसंख्या, 119720 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि मेें 28611 हेक्टेयर भूमि, 145078 गांटा में 50297 गांटा, 92990 खातों में 29227 खातें, 108 लेखपाल क्षेत्र में 36 लेखपाल क्षेत्र, पांच राजस्व निरीक्षक क्षेत्र में दो राजस्व निरीक्षक का आंशिक क्षेत्र, 30 संग्रह अमीनों में नौ संग्रह अमीन क्षेत्र कलीनगर में शामिल हो जाएगे।


86 गांव हटने से घटा कलीनगर का क्षेत्रफल
पीलीभीत। कलीनगर को नई तहसील बनाने के लिए पहले पूरनपुर के 170 गांव के अलावा सदर तहसील के 86 गांव को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव किया गया था। यह 86 गांव माला जंगल के दूसरी ओर पड़ते हैं। इसपर क्षेत्रवासियों के साथ ही तत्कालीन विधायक और वर्तमान राज्यमंत्री हेमराज वर्मा ने भी विरोध जताया था। उनके विरोध पर जंगल पार के 86 गांव को हटा दिया जिससे कलीनगर के गांव की संख्या 170 रह गई। यदि जंगल पार के गांव जोड़े जाते तो कलीनगर तहसील में 256 गांव होते जो अमरिया से 55 अधिक होते।


गढ़वाखेड़ा को ब्लाक बनाने की भी उठ रही मांग
पूरनपुर। मंडल की सबसे बड़ी तहसील में एक ही ब्लाक है। एशिया के सबसे बड़े ब्लाक माने जाने वाले पूरनपुर क्षेत्र में दो ब्लाक बनाने की मांग करीब दस सालों से चल रही है। कलीनगर और गढ़वाखेड़ा को ब्लाक बनाने का प्रस्ताव भी कई बार जा चुका है।


ट्रांस शारदा क्षेत्र पलिया मेें शामिल करने का भेजा था प्रस्ताव
पूरनपुर। तहसील क्षेत्र के शारदा नदी के पार के लोगों का तहसील मुख्यालय से बरसात में कई माह तक संपर्क कटा रहता है। शारदा नदी में जलस्तर कम होने पर शारदा नदी पर बनने वाले पांटून पुल से क्षेत्र में आवागमन होता है। ट्रांस शारदा के गांव को लखीमपुर खीरी की पलिया तहसील में जोडने की मांग कई सालों से उठ रही है। हालांकि एक पक्ष के लोग इसके विरोध में भी है। जिला प्रशासन ने ट्रांस शारदा के गांव को पलिया तहसील में जोड़े  जाने का प्रस्ताव पूर्व में भेजा है, लेकिन अभी इसे मंजूरी नहीं मिल सकी है।
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