जिले में सेव की खेती को मिलेगा बढ़ावा
2 केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी का प्रयास कामयाब रहा तो जल्द जिले की पहचान सेब उत्पादक के रूप में होगी। उनके सहयोग से मैदानी क्षेत्र में सेब उत्पादन के लिए पेड़ लगवाए जा रहे हैं। धान, गेहूं और गन्ना के उत्पादन के लिए प्रसिद्ध तराई के इस जिले में आम और लीची की फसल बड़े पैमाने पर होती है। अब यहां सेब का उत्पादन शुरू कराने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री एवं जिले की सांसद पिछले साल कुछ किसानों को मैदानी क्षेत्र के लिए सेव की विशेष प्रजाति के पेड़ उपलब्ध कराए थे। एक वर्ष पूर्व लगाए गए पेड़ काफी अच्छी हालत में हैं इससे किसानों में इसकी मांग बढ़ रही है। इसको देखते हुए केंद्रीय मंत्री ने एक बार फिर किसानों को सेव के पेड़ उपलब्ध कराने में सहयोग किया है। हिमाचल प्रदेश की एक संस्था के माध्यम से जिले के किसानों को एक हजार पेड़ उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसके लिए हिमाचल से हरिमन शर्मा विशेष रूप से तैयार पौधे लेकर पीलीभीत पहुंचे हैं। वितरण के दौरान उन्होंने बताया कि सेव की हरमन-99 प्रजाति के पेड़ों को 47 डिग्री तापमान पर भी उगाया जा सकता है। उन्होंने फल आने तक इसकी देखरेख के बारे में भी जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री के प्रतिनिधि एमआर मलिक ने बताया कि उपलब्ध कराए गए इन पेड़ों को अमरिया क्षेत्र के 150 किसानों को निशुल्क उपलब्ध कराया गया है।