नौजलहा नंबर दो में इंडो-नेपाल सीमा पर नोमेंस लैंड का अतिक्रमण दोनों देशों के संबंधों में खटास पैदा करने के साथ आने वाले समय में नासूर बन सकता है। नोमेंस लैंड से महज पांच मीटर दूर बसे आबादी क्षेत्र में न केवल अवैध शराब तैयार की जा रही है, बल्कि सारा दिन दोनों देशों के शराब के शौकीन यहां शराब पीकर हुड़दंग भी करते हैं। आए दिन यहां झगड़ा फसाद भी होता है, लेकिन मामले को किसी तरह निपटा लिया जाता है। नोमेंस लैंड पर अतिक्रमण को लेकर दोनों देशों के सीमावर्ती जनपदों के आला अफसरों की बैठक में मुद्दे उठते रहे हैं और उसे हटाने की बात भी होती हैं, लेकिन इस पर अमल कब होता है, यह आने वाले समय में ही पता चल सकेगा। नोमेंस लैंड की स्थिति पर गौर करें तो इंडो नेपाल सीमा के नौजल्हा नंबर दो इलाके में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पिलर 20 से 22 के बीच बड़े पैमाने पर अतिक्रमण है। यहां नेपाली नागरिकों ने लंबे समय से अपने कच्चे मकान बना रखे हैं। धीरे-धीरे यह अतिक्रमण दोनों देशों की ओर लगातार बढ़ता जा रहा है। यहां बड़े पैमाने पर खेती भी शुरू कर दी गई है। यही नहीं नोमेंस लैंड के समीप बसी आबादी में असामाजिक तत्वों व नशेड़ियों का भी जमावड़ा लगने लगा है। इन दिनों सीमा से सटे नोमेंस लैड में मात्र पांच मीटर की दूरी पर ही अवैध शराब का धंधा चल रहा है। बताते हैं कि इस अवैध कारोबार में भारतीय व नेपाली दोनों सक्रिय है। पूरे दिन यहां दोनों देशों के शराबियों समेत अन्य लोगों का जमावाड़ा लगा रहता है। इसकी आड़ में असमाजिक तत्व भी सक्रिय हुए हैं। लोगों के मुताबिक इन नशेडिय़ों व असामाजिक तत्वों की आवाजाही से यहां कब बड़ी वारदात हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। करीब सप्ताह भर पहले ही एक भारतीय नागरिक की सीमा से मात्र पौन किमी दूर नेपाली क्षेत्र में ले जाकर हत्या कर दी गई। नेपाली पुलिस अभी तक इस हत्या की गुत्थी को नही सुलझा सकी है। हालांकि इंडो नेपाल बार्डर की सुरक्षा को एसएसबी भी तैनात है, लेकिन नोमेंस लैंड क्षेत्र में बसे नेपालियों के घरों में कौन आ जा रहा है, एसएसबी यह पूछने की जहमत नहीं उठाती। एसएसबी के एक अधिकारी ने बताया कि नोमेंस लैंड के अतिक्रमण को लेकर आला अफसर बैैठकों में मुद्दा उठाने के साथ लिखित रूप से भी सूचना दे चुुके हैं। अब दुबारा अतिक्रमण हटाने को लिखा जाएगा। नोमेंस लैंड के दोनों ओर अतिक्रमण कानूनी जुर्म है। सुरक्षा की दृष्टि से इसे हटाया जाना बेहद जरूरी हो गया है। अवैध शराब मामले में सिविल पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।