जिले के एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) मरीजों की नि:शुल्क जांच जिला क्षय रोग अस्पताल में हो सकेगी। बृहस्पतिवार को डीएम मासूम अली सरवर ने अस्पताल पहुंचकर एमडीआर की जांच को आई एबीनॉट मशीन का उद्घाटन किया। अभी तक एमडीआर मरीजों जांच के लिए बरेली समेत अन्य महानगरों में जाना पड़ता था।
जिले में हर साल टीबी के करीब दो हजार मरीज डॉट्स प्रोग्राम के तहत रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इसमें कई मरीज ऐसे होते हैं तो बीच में ही दवा छोड़ देते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक ऐसे मरीजों पर टीबी की दवाएं असर नहीं करती और उन्हें एमडीआर का शिकार होना पड़ता है। जिले में एमडीआर जांच की कोई व्यवस्था न होने से मरीजों को बरेली जाना पड़ता था। स्वास्थ्य मंत्रालय ने करीब दो माह पूर्व जिला क्षय रोग अस्पताल को एबीनॉट (कार्टिज बेस्ड न्यूक्लिक एसिड एम्लीफिकेशन टेस्टिंग) मशीन मुहैय्या कराई थी। यूएसए से आयातित इस मशीन के जरिए महज 1.45 मिनट में व्यक्ति के एमडीआर होने का पता लगाया जा सकेगा। उधर, बृहस्पतिवार को डीएम मासूम अली सरवर ने अस्पताल पहुंचकर एबीनॉट मशीन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल में मरीजों को मिलने वाली अन्य सुविधाओं के बारे में भी मालूमात की। इस मौके पर सीएमओ डॉ. ओपी ङ्क्षसह, डीटीओ डॉ. राजेश भट्ट, एसीएमओ डॉ. सीएम चतुर्वेदी, डीपीएम सर्वेश वर्मा, सीएमएम डॉ. आरसी शर्मा, आईएमए सचिव डॉ. एसके मित्रा, डॉ. एससी सचान, एसएन सिंह, हबीबुल हसन, राजेश गंगवार आदि मौजूद रहे।
दो एलटी को दिया प्रशिक्षण
एबीनॉट मशीन के सफल संचालन के लिए लैब टेक्नीशियन अचल यादव और रामनरेश को इसका प्रशिक्षण दिया गया है। कंपनी से आए एक इंजीनियर ने दोनों एलटी को प्रशिक्षित किया।
एमडीआर की होगी नि:शुल्क जांच
डीटीओ डॉ. राजेश भट्ट के मुताबिक प्राइवेट स्तर एमडीआर मरीज की जांच 3500 रुपये से लेकर पांच हजार तक में होती है, लेकिन जिला क्षय रोग अस्पताल में यह जांच नि:शुल्क होगी।