कुपोषण दूर करने के लिए चलाई जा रही हौसला पोषण योजना जिले में अब तीन अगस्त से लागू होगी। दो अगस्त को तहसील दिवस के चलते यह परिवर्तन किया गया है। योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए बेसिक शिक्षा के सभी संकुल प्रभारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
कुपोषण दूर करने को राज्य पोषण मिशन द्वारा हौसल पोषण योजना लागू की जा रही है। इसके तहत गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र पर लाकर दोपहर को गर्म भोजन दिया जाना है। इसके लिए बाल विकास परियोजनाओं के माध्यम से प्रधान और आंगनबाड़ी वर्कर का संयुक्त खाता खुलवाया जा रहा है। इसमें खाना बनवाने की जिम्मेदारी प्रधान को सौपंी गई है। प्रदेश के कुछ दिनों में योजना 15 जुलाई से प्रारंभ हो चुकी है जबकि कुछ जनपदों में दो अगस्त से लागू करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन बृहस्पतिवार शाम को हुई वीडियो कांफ्रेंस में अधिकांश अधिकारियों ने दो अगस्त को तहसील दिवस होने के कारण योजना लागू करने में आ रही समस्या रखी। इस पर कार्यक्रम को एक दिन आगे बढ़ा दिया गया है। डीपीओ राजकपूर ने बताया कि वीडियो कांफ्रेंस में तीन अगस्त से योजना लागू करने का निर्देश मिला है लेकिन अभी कोई लिखित आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि योजना के सफल क्रियान्वयन एवं निगरानी के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के संकुल प्रभारियों को ड्यूटी दी गई है। साथ ही सभी अधिकारियों को उनके द्वारा गोद लिए गए कम से कम एक गांव में अवश्य उपस्थित रहने के निर्देश शासन से दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पूरनपुर ब्लाक को छोड़ अन्य सभी ब्लाकों के लगभग 95 प्रतिशत बैंक खाते खुल चुके हैं। कुछ में धनराशि भी भेज दी गई है।