जनपद वासियों को अब बेमौसम सब्जियां आसानी से मिल सकेंगी। उद्यान विभाग के सहयोग से जहानाबाद क्षेत्र ऐमी गांव के किसान भूपेंद्र सिंह ने जिले में पहला और मंडल का सबसे बड़ा पॉली हाउस तैयार कराया है। 4400 वर्गमीटर में तैयार इस पॉली हाउस में टमाटर की पौध लगाई जा रही है। जिसमें अगले दो माह में फसल आने लगेगी।
लगातार बदलता मौसम किसानों के लिए बड़ी समस्या है। कभी ओलावृष्टि तो कभी ज्यादा बारिश और कभी कोहरा व पाला। ऐसे में किसानों के लिए पॉली हाउस बेहतर विकल्प है लेकिन प्रारंभिक लागत अधिक होने के कारण अधिकांश इसका निर्माण नहीं करा पाते। इसके लिए उद्यान विभाग किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दे रहा है। इसकी जानकारी होने पर जहानाबाद क्षेत्र के प्रगतिशील किसान भूपेंद्र सिंह ने 4400 वर्ग मीटर में पॉली हाउस निर्माण कराने का प्रस्ताव उद्यान विभाग के समक्ष रखा लेकिन जिला स्तर पर चार हजार वर्ग मीटर से अधिक पर अनुदान की योजना न होने पर उन्होंने नेशनल हॉर्टिकल्चर बोर्ड से संपर्क किया। बोर्ड के सहयोग से उन्होंने अपने खेत के 4400 वर्ग मीटर में 50 लाख की पॉली हाउस का निर्माण पिछले दिनों कराया था। पॉली हाउस बनने के बाद अब उन्होंने इसमें पहली बार टमाटर की पौध लगाई है। किसान भूपेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने पॉली हाउस में टमाटर के 20 हजार पौधे लगाए हैं जिनमें मार्च के अंत तक फल आने लगेगा।
कीट बीमारियों पर लगेगा अंकुश
पॉली हाउस का तापमान अपने हिसाब से निर्धारित कर जहां बेमौसम फसल पैदा की जा सकती है वहीं कीट बीमारियां भी कम लगती हैं। इससे कीटनाशक दवाओं का प्रयोग घटता है और लोगों को आम सब्जियों को अपेक्षा ज्यादा शुद्ध उत्पादन मिलता है।
उद्यान विभाग देगा 50 प्रतिशत अनुदान
पॉली हाउस निर्माण के लिए उद्यान विभाग से किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। चार हजार वर्ग मीटर क्षेत्रफल तक का पॉलीहाउस बनाने को जिला उद्यान केंद्र और इससे अधिक क्षेत्रफल में पॉली हाउस बनाने को एनएसबी (नेशनल हार्टीकल्चर बोर्ड) से अनुदान दिया है। एक हजार वर्ग मीटर में पॉली हाउस पर लगभग नौ लाख खर्च आता है जिसमें आधी रकम विभाग से अनुदान के रूप में मिलती है।
किसानों के लिए पॉली हाउस की बहुत अच्छी योजना है। इसमें फसल उत्पादन पर जहां लागत कम आती है वहीं बेमौसम फसल होने से दाम भी अच्छे मिलते हैं। विभाग से इसके निर्माण पर अनुदान दिया जा रहा है।
- डॉ. धीरेद्र सिंह, जिला उद्यान अधिकारी