बरखेड़ा। क्षेत्र के गांव मोहम्मदगंज रंपुरा स्थित मढ़ी पर चल रही नौ दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन मंगलवार को कथावाचक कुमारी राखी शास्त्री ने भक्त ध्रुव के चरित्र और माता सीता के स्वयंवर का प्रसंग सुनाया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
दोपहर में कथावाचक ने भक्त ध्रुव के जीवन प्रसंगों का वर्णन करते हुए बताया कि भगवान नारायण के प्रति अटूट श्रद्धा और कठिन तपस्या के बल पर ध्रुव ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया और ध्रुवतारा कहलाए। वहीं, रात्रिकालीन सत्र में भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह का प्रसंग सुनाया गया। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम ने शिवजी का धनुष तोड़कर राजा जनक की प्रतिज्ञा पूरी की, जिसके बाद माता सीता के साथ उनका विवाह संपन्न हुआ। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। संगीत की मधुर धुनों के बीच भक्तों ने कथा का आनंद लिया। इस दौरान रामौतार भारती, भगवान दास राठौर, पिंटू जायसवाल, शिवम राजपूत, शिवचरन राजपूत, सीताराम भारती और प्रसादी लाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।