कलीनगर। शारदा का जलस्तर बढ़ने से भूड़ागोरख डिब्बी क्षेत्र में क्षतिग्रस्त हुए दो स्परों की मरम्मत का कार्य तेज हो गया है। मगर, विभाग इसे नुकसान नहीं मान रहा। दावा है कि लांचिंग के समय यह स्थिति होती है। विभाग के अनुसार इस क्षेत्र में करीब 13 करोड़ रुपये की लागत से काम कराया गया है। विभाग भले ही अलग तर्क दे रहा, लेकिन क्षेत्रीय लोग बाढ़ आने पर स्थिति खराब होने की संभावना जता रहे हैं। कलीनगर तहसील क्षेत्र में शारदा सागर की तलहटी में शारदा नदी के दाहिने किनारे की ओर भूड़ागोरख डिब्बी नलडेगा क्षेत्र में शारदा सागर खंड की ओर से छह स्पर बनवाए गए थे। यह कार्य करीब 25 करोड़ रुपये के स्वीकृत हुए थे। विभाग का कहना है कि टेंडर में कम मूल्यांकन के चलते करीब 13 करोड़ रुपये से काम कराया गया है। कार्य लगभग पूरे हो गए हैं।
चार दिन पूर्व अचानक शारदा नदी का जलस्तर बढ़ा और नेपाल की नदियों का पानी मिलने के बाद शारदा नदी ने स्पर संख्या 25 और 26 के अपस्ट्रीम और पीछे का भाग क्षतिग्रस्त कर दिया। गनीमत रही कि जलस्तर कम हो गया, नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
जानकारी पर अभियंताओं ने बचाव कार्य शुरू कराए हैं। बुधवार को शारदा सागर के सहायक अभियंता राम अवध अभियंताओं के साथ परियोजना स्थल पर पहुंचे। मजदूरों को लगाकर मरम्मत कार्य तेज गति से शुरू कराया। ग्रामीणों का कहना है कि स्पर बनाने में गुणवत्ता की अनदेखी की गई। फाउंडेशन से लेकर ऊपरी हिस्से में पत्थर की पिचिंग और वायर क्रेट से मजबूती भी नहीं दी गई। इससे खतरा बढ़ गया।