पीलीभीत। जिले में आगजनी की घटनाएं बढ़ी हैं वहीं, दमकल विभाग संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। पांच तहसील क्षेत्र और 10 नगर निकायों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए विभाग के पास सिर्फ तीन बड़ी गाड़ियां हैं। दमकल कर्मियों और अन्य संसाधनों का भी टोटा है। ऐसे में कहीं आग लगने पर समय पर उसे काबू करना मुश्किल होता है।
जिले मेंं सदर, अमरिया, कलीनगर, पूरनपुर और बीसलपुर पांच तहसीलें हैं। पीलीभीत, बीसलपुर व पूरनपुर तीन नगरपालिका परिषद और पकड़िया नौगवां, जहानाबाद, कलीनगर, न्यूरिया, बिलसंडा, मझोला व बरखेड़ा नगर पंचायतें हैं। करीब 24 लाख आबादी वाले जिले में आग से बचाव के इंतजाम नाकाफी हैं।
सिर्फ पीलीभीत और बीसलपुर में ही दो फायर स्टेशन हैं। तीन बड़ी गाड़ियों पर आग बुझाने का जिम्मा है। इनमें एक मुख्यालय व एक-एक बीसलपुुर और पूरनपुर के अस्थायी फायर स्टेशन पर खड़ी होती है।
एक सात सौ लीटर क्षमता वाली छोटी गाड़ी है। कूड़े आदि की आग बुझाने के लिए एक फायर बाइक है।