पीलीभीत। स्कूलों को विलय करने में तेजी दिखाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के अफसर एक किलोमीटर से अधिक दूरी के दायरे में आने वाले स्कूलों का आंकड़ा दुरुस्त नहीं कर सके हैं। कितने स्कूल विलय से बाहर हुए, विभाग अब तक मौन है। स्कूलों का आंकड़ा जारी करने से भी बचने का प्रयास किया जा रहा है।
छात्र संख्या और शिक्षक अनुपात को सही करने को लेकर जिले के करीब 128 परिषदीय स्कूलों का विलय किया गया था। ग्रामीणों का स्कूल बंद होते ही विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया। अभिभावक और बच्चे आक्रोशित हो गए। अफसरों के पास पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। नियमों की अनदेखी का आरोप भी लगा। करीब 15 दिन पहले बेसिक शिक्षा मंत्री ने स्कूलों का विलय एक किलोमीटर दूरी में करने का निर्देश दिया। 50 से कम संख्या संख्या की बात भी कही। एक किलोमीटर से अधिक दूरी वाले स्कूलों को खोलने का निर्देश दिया गया। शिक्षा मंत्री का आदेश आते ही विभागीय जिम्मेदारों ने एक किमी के दायरे में आने वाले स्कूलों का विवरण जुटाना तो शुरू किया, लेकिन अब तक आंकड़े दुरुस्त नहीं कर कर सके। कई स्कूलों की दूरी को लेकर असमंजस भी है। कितने स्कूल खुल जाएंगे, जिम्मेदार यह भी बताने को तैयार नहीं है। बीएसए अमित कुमार सिंह ने बताया कि निर्धारित दूरी के बाहर आने वाले स्कूलों का आंकड़ा तैयार किया जा रहा है। युग्मन किए गए अधिकांश स्कूल खुल जाएंगे।
नवदिया पंसोली के ग्रामीणों ने किया था प्रदर्शन
बुधवार को अमरिया क्षेत्र के ग्राम पंसोली नवदिया के ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया था।डीएम को ज्ञापन भी सौंपा। ग्रामीणों को कहना था कि प्राथमिक विद्यालय पंसोली नवदिया को कंपोजिट विद्यालय पंसोली में विलय किया गया। स्कूल की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर है और बीच में बड़ी नहर व लोक निर्माण विभाग की सड़क है। जो बच्चों के लिए खतरा बना हुआ है। निर्धारित दूूरी से अधिक होने के बाद भी स्कूल खोला गया नहीं गया। आरोप लगाया कि पहले स्कूल में 25 बच्चे थे, जो अब बढ़कर 45 हो गए हैं। यदि स्कूल को विलय न किया जाता तो बच्चों की संख्या 60 तक पहुंच जाती।