पीलीभीत। पुलिस विभाग ने नहीं सुना तो सेवानिवृत्त निरीक्षक की पत्नी को जमीन की धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। बिलसंडा पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन विवेचना की रफ्तार अभी सुस्त है। पुलिस दस्तावेजों की पड़ताल की बात कह रही है।
जिला शाहजहांपुर के थाना बंडा के गांव बरीबरा निवासी परमजीत कौर के पति हरकंवल सिंह पुलिस विभाग से कोतवाल पद से सेवानिवृत्त हैं। उनकी एक जमीन बिलसंडा कस्बे में है। कस्बे के ही तीन लोगों ने धोखाधड़ी कर जमीन बेच दी। पति के पुलिस विभाग से सेवानिवृत्त होने के बावजूद परमजीत को मुकदमा दर्ज कराने के लिए न्यायालय की शरण लेनी पड़ी।
परमजीत कौर ने दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी जमीन कस्बा बिलसंडा में तिकुनियां पार्क के समीप स्थित है। इसमें 13.88 वर्गमीटर का एक प्लाट का बैनामा मार्च 2024 को प्रिया गुप्ता के नाम किया गया। 26 दिसंबर 2024 को प्रिया गुप्ता के पति अचल कुमार गुप्ता खरीदे हुए प्लाट के अलावा उसकी खाली जमीन पर कब्जा कर निर्माण कार्य करा रहे थे।
अवैध निर्माण रुकवाने पर अचल कुमार ने बताया कि उन्होंने 2.97 वर्गमीटर जमीन नरेंद्र मोहन सक्सेना से नौ जुलाई 2024 को खरीदी है। आरोप है कि नरेंद्र मोहन सक्सेना ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उसके साथ धोखाधड़ी की।
22 अगस्त को वह अपने पति के साथ जमीन देखने गई तो आरोपी नरेंद्र मोहन सक्सेना ने अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ हाथापाई की। पति के साथ मारपीट की।
पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर नरेंद्र मोहन सक्सेना, अचल कुमार गुप्ता, प्रिया गुप्ता व तीन अज्ञात पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है। एसओ सिद्धांंत शर्मा ने बताया कस्बे के अंदर की जमीन का मामला है। सेवानिवृत्त कोतवाल की पत्नी ने मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की विवेचना एसआई विपुल कुमार कर रहे हैं। दस्तावेज मंगाए गए हैं। संवाद