पीलीभीत। हत्या कर शव छिपाने के मामले में अमरिया पुलिस की ओर से दो बार दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट शिप्रा सिंह ने वादिनी की आपत्ति व पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद निरस्त कर दी है। इसके साथ ही आरोपी को तलब कर सुनवाई के लिए 19 अगस्त की तिथि नियत की है। साथ ही विवेचना में लापरवाही करने पर विवेचक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने के लिए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक व जिलाधिकारी को पत्र भेजने का आदेश दिया।
थाना अमरिया क्षेत्र के ग्राम कैचुटांडा निवासी छद्मी लाल की पत्नी शीला देवी ने थाना अमरिया में 26 जुलाई 2018 को सूचना दर्ज कराई कि उसकी पुत्री शिवानी अमरिया स्थित डॉ. मेजर सिंह के क्लीनिक पर काम करती है, काम पर गई बेटी घर वापस नहीं आई। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। बाद में जानकारी मिली कि उसकी पुत्री का किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपहरण कर लिया। तब गुमशुदगी को अपहरण में तरमीम किया गया।
पुलिस ने दौरान विवेचना थाना अमरिया के ग्राम सरेंदा पट्टी निवासी रामगोपाल को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शिवानी का शव व मोबाइल फोन बरामद कर कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद पुलिस ने फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की। वादिनी की आपत्ति पर न्यायालय ने पुनः विवेचना करने का आदेश दिया। विवेचक ने दोबारा फाइनल रिपोर्ट न्यायालय में दाखिल की। वादिनी के अधिवक्ता ने दोबारा आपत्ति दाखिल की।
न्यायालय ने पुलिस की ओर से दोबारा दाखिल की गई फाइनल रिपोर्ट निरस्त कर रामगोपाल को हत्या का दोषी पाते हुए तलब करने का आदेश पारित किया। कोर्ट ने विवेचक मेराज अली की ओर से त्रुटिपूर्ण विवेचना किया जाना और पर्यवेक्षण अधिकारी द्वारा ऐसी त्रुटिपूर्ण विवेचना को साइन किए जाने को अनुशासनहीनता मानते हुए विवेचक व पर्यवेक्षण अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई काे पुलिस महानिदेशक व जिलाधिकारी को आदेश दिया है। संवाद